चार साल बाद जेल से रिहा हुए आरुषि के माता-पिता

अपनी ही बेटी और नौकर के कत्ल के आरोप में करीब चार साल जेल की सजा काट चुके आरुषि के माता-पिता डॉ. राजेश और नूपुर तलवार आज जेल से रिहा हो गए. हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी पहुंचने के बाद सीबीआई कोर्ट ने रिहाई का आदेश जारी किया. इसके बाद डासना जेल से दोनों को रिहा कर दिया गया. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए तलवार दंपति को आरुषि-हेमराज मर्डर केस से बरी कर दिया था. सीबीआई कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थीचार साल बाद डासना जेल से रिहा हुए तलवार दंपति, खुली हवा में ली सांस.

छोड़ दिया जेल में कमाया पैसा

जेल में डेंटल क्लिनिक के सेटअप में तलवार दंपति ने अहम योगदान दिया है. उन्होंने तमाम डेंटल उपकरण भी जेल को मुहैया कराए हैं. इसके अलावा जेल में रहने के दौरान कैदियों के इलाज के एवज में मिलने वाला रोजना 40 रुपये मेहनताना भी नहीं लिया. तलवार दंपति ने जेल में बिताए अपने 1417 दिनों के दौरान करीब 99 हजार रुपये कमाए थे. इसमें राजेश तलवार का अब तक बंदी के तौर पर जेल में अपनी सजा काटने के दौरान 49 हजार 520 रुपए मेहनताना है.

गरीबों को बांट जाएंगे सामान

राजेश और नूपुर तलवार ने जेल में जो भी अपनी जरूरतों के समान जेल मैनुअल के हिसाब से मंगाए थे (जो कैदी मंगा सकते हैं). वो समान तलवार दंपति जेल में ही गरीब बंदियों को बांट कर जेल से बाहर जाएंगे. इसके साथ ही राजेश और नुपुर तलवार जेल में जो भी अपनी धामिर्क इतिहास और आध्यात्मिक किताबें लाए थे वो जेल लाइब्रेरी में जेल बंदियों के लिए छोड़कर जाएंगे. उनके कामकाज और व्यवहार के हिसाब से जेल प्रशासन अच्छा ग्रेड देने की तैयारी कर रहे हैं.

इतने दिन काटनी पड़ी जेल

राजेश तलवार ने डासना जेल में 3 साल 10 माह और 21 दिन बतौर सजायाफ्ता कैदी के तौर पर काटे हैं. वहीं विचाराधीन के तौर पर 1 माह 20 दिन जेल में काटे हैं. जबकि नूपुर तलवार ने डासना जेल में 3 साल 6 माह और 22 दिन सजायाफ्ता कैदी के तौर पर काटे हैं. वहीं विचाराधीन के तौर पर 4 माह 26 दिन जेल में काटे हैं. 12 अक्टूबर को ही हाई कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद भी तलवार दंपति की रिहाई नहीं हो पाई क्योंकि समय से जेल प्रशासन को फैसले की कॉपी नहीं मिली थी.

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