अयोध्या मुद्दे पर बोले अब्दुल्ला, बैठकर निकाला जाना चाहिए हल

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि 'इस मुद्दे (अयोध्या मु्ददे) पर चर्चा होनी चाहिए

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक 3 जजों की नई बेंच यानी उपयुक्त पीठ राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना विवाद मामले की सुनवाई की तारीख तय करने के लिए 10 जनवरी को आदेश देगी.

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि ‘इस मुद्दे (अयोध्या मु्ददे) पर चर्चा होनी चाहिए, और इसे बातचीत की मेज़ पर बैठकर लोगों द्वारा हल किया जाना चाहिए. इसे कोर्ट में क्यों घसीटा जाना चाहिए? मुझे भरोसा है कि इसे बातचीत से हल किया जा सकता है. भगवान राम सारी दुनिया के हैं, सिर्फ हिन्दुओं के नहीं.”

इससे पहले आज सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस के कौल की पीठ ने कहा, ‘एक उपयुक्त पीठ मामले की सुनवाई की तारीख तय करने के लिए 10 जनवरी को आगे के आदेश देगी.’

सुनवाई के लिए मामला सामने आते ही प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि यह राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामला है और इसपर आदेश पारित किया. अलग-अलग पक्षों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरिश साल्वे और राजीव धवन को अपनी बात रखने का कोई मौका नहीं मिला. मामले की सुनवाई 30 सेकेंड भी नहीं चली.

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