10 सुत्रीय मांगों को लेकर अधिवक्ता संघ ने राष्ट्रपति के नाम सौपा ज्ञापन

कोर्ट परिसर से रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर दिया ज्ञापन

रायगढ़: जिला अधिवक्ता संघ अपनी 10 सुत्रीय मांगा को लेकर आज कोर्ट परिसर से रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुंचे और महामहिम राष्ट्रपति के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौपकर जल्द से जल्द अपनी मांग पूर्ण करने की की मांग की। इस दौरान जिला अधिवक्ता संघ के सभी लोग मौजूद थे। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मननीय विधिज्ञ परिसद नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ विधिज्ञ परिसद के दिशा-निर्देश में सामान्य सभा द्वारा कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए है जिसकी मांगो को पूर्ण करने हेतु अपेक्षा के साथ मांगों का विवरण ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ता संघ द्वारा माननीय राष्ट्रपति को कलेक्टर के माध्यम से सौपा गया है।

इसके लिए जिला अधिवक्ता संघ के सभी लोग एकमत होकर आज न्यायालय परिसर से रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर की अनुपस्थित होने के कारण डिप्टी कलेक्टर को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपकर जल्द से जल्द मांगों को पूर्ण करने की मांग की। अधिवक्ता संघ ने मांग की है कि अधिवक्ताओं के परिवार के लिए 20 लाख रूपए तक का बीमा, अधिवक्ताओं के लिए भारत के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में मुफ्त ईलाज के लिए उन्हे स्पेशल कार्ड उपलब्ध कराए जाए ताकि उन्हे चिकित्सीय सुविधा का लाभा प्राप्त हो सके, शुरूआती तौर पर विधि व्यवसाय से जुड़े लोगों को 5 वर्ष तक 10 हजार रूपए प्रतिमाह स्टाफ फंड प्रदाय किया जाए, वृद्ध एवं निर्धन अधिवक्ताओं के असामयिक मृत्यू पर उनके परिवार को 50 हजार रूपए प्रतिमाह पेंशन के रूप में दिया जाए, अधिवक्ताओं की सुरक्षा हेतु अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम बनाए जाए, सभी अधिवक्ता संघों को भवन/ निवास स्थान/ बैठक व्यवस्था तथा लायब्रेरी उपलब्ध कराई जाए साथ ही महिला अधिवक्ताओं के लिए अगल से शौचालय बनाए जाए।

ब्याज मुक्त होमलोन, लायब्रेरी लोन, वाहन लोन प्रदाय किया जाए, सरकार द्वारा सस्ते मुल्य पर अधिवक्ताओं के लिए गृह निर्माण किया जाए। विधिक सेवा प्रधिकरण अधिनियम में इस प्रकार का संसोधन किया जाए जिससे अधिवक्ता अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में समर्थ हो सके। सभी अधिनियम जो सेवा निवृत्त अधिकारियों को विभिन्न अधिकरण आयोग, फोरम, प्रधिकरण में उनकी सेवा निवृत्ति उपरांत नियुक्ति की जाती है में संसोधन किया जाकर उपरोक्त व्यवस्था में सक्षम अधिवक्ताओं को भी इसमें नियुक्ति की जाए। यदि किसी करण वश जैस दुर्घटना हत्या, किसी बीमारी से 65 वर्ष से कम उम्र में आए किसी अधिवक्ता की मृत्यु होने पर उनके परिवार/आश्रितों को 50 लाख रूपए अनुदान प्रदान किया जाए। आज दिए ज्ञापन में यह सभी मांगे उल्लेखित है। जिसे जल्द से जल्द पूरी करने की मांग अधिवक्ता संघ द्वारा की गई है।

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