कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन से इस वर्ष अप्रैल में लगभग 12 लाख 76 हजार नये लाभार्थी जुड़े

हाल ही में प्रकाशित अस्‍थाई पे-रोल आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च की तुलना में अप्रैल महीने में ईपीएफओ से अलग होने वाले सदस्‍यों की संख्‍या में 87 हजार की कमी दर्ज की गई जबकि 92 हजार से अधिक लाभार्थी दुबारा जुड़े।

कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन- ई.पी.एफ.ओ. के साथ इस वर्ष अप्रैल महीने में लगभग 12 लाख 76 हजार नये लाभार्थी जुड़े हैं। कोविड महामारी की दूसरी लहर के बावजूद, मार्च महीने की तुलना में 13 दशमलव सात तीन प्रतिशत अधिक लाभार्थी जुड़े हैं। मार्च में लगभग 11 लाख 22 हजार लाभार्थी जुड़े थे।

हाल ही में प्रकाशित अस्‍थाई पे-रोल आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च की तुलना में अप्रैल महीने में ईपीएफओ से अलग होने वाले सदस्‍यों की संख्‍या में 87 हजार की कमी दर्ज की गई जबकि 92 हजार से अधिक लाभार्थी दुबारा जुड़े।

अप्रैल में जुड़ने वाले बारह लाख 76 हजार लाभार्थियों में से लगभग छह लाख 89 हजार नये सदस्‍य ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा के दायरें में पहली बार आये हैं। लगभग पांच लाख 86 हजार सदस्‍य अलग हुए और बाद में ईपीएफओ के तहत आऩे वाली कंपनियों में नौकरी बदलने के बाद फिर जुड़े। इन लाभार्थियों ने अपना फंड हस्तांतरित किया और जमा राशि निकालने के बजाय अपनी सदस्यता बनाए रखी।

पे-रोल के आंकड़ों की राज्‍यवार तुलना से पता चलता है कि महाराष्‍ट्र, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक लाभार्थियों के पंजीकरण के मामले में सबसे आगे हैं। इन राज्‍यों में ईपीएफओं के साथ अप्रैल में सात लाख 58 हजार लाभार्थी जुड़े। पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में मार्च महीने की तुलना में लाभार्थियों के जुड़ने की संख्‍या में औसत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई

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