टावर लाइन निर्माण में लगे झारखंड के करीब 20 मजदूर को नहीं मिल पा रहा राशन

तमनार: 25 मार्च से लॉकडाउन और धारा 144 लागू होने से अन्य राज्य से आए कामगारों के पलायन पर शासन ने रोक लगा दी गई है. गांव के लोगों ने बाहरी व्यक्तियों को प्रवेश निषेध की तख्ती टांग दी है.

कुछ ग्राम पंचायतों में शासकीय भवनों को आइसोलेशन सेंटर बनाकर बाहरी कामगारों के ठहरने भोजन व्यवस्था किया गया है. लेकिन झारखंड के 20 मजदूर बैहामुड़ा में ठहरे हुए है. प्रशासन ने मजदूरों तक राशन औऱ भोजन पहुंचाने की बात जरुर कही है, पर अभी तक इनके पास मदद नहीं पहुंच पाई है.

वहीँ रायगढ़ जिले के घरघोड़ा तहसील के ग्राम बैहामुड़ा में टावर लाइन निर्माण में लगे झारखंड के करीब 20 मजदूर फंसे हुए है. जिनके पास खाने तक के लिए पैसे और राशन नहीं बचे हैं. जिससे ये मजदूर मायूस हैं. प्रशासन भी उनके लिए राशन उपलब्ध नहीं करा पाई है. लॉकडाउन की वजह से मजदूर कहीं आ जा भी नहीं पा रहे हैं, ऐसे में उन्होंने सरकार से मदद की अपील की है.

बैहामुड़ा सरपंच नृपत सिंह राठिया ने कैम्प में मजदूरों के पास भोजन उपलब्ध कराने की बात कही थी, लेकिन वो भी आज तक भोजन की व्यवस्था नहीं करा पाए है. मजदूरों ने बताया कि हमारे पास जितने रूपये थे उससे 3-4 दिन के लिए घरघोड़ा बाजार से खरीदा गया था, जो खत्म हो गया है.

मजदूर शशि सिदार ने बताया कि हमने झारखंड में अधिकारियों से सहयोग करने विनती की, तो उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्राम पंचायत द्वारा भोजन सामग्री व्यवस्था कराई जाएगी. उन्होंने अपील की है कि सरकार, प्रशासन और पंचायत के लोग उन्हें भोजन सामग्रियां उपलब्ध कराए.

Tags
Back to top button