छत्तीसगढ़

ABVP ने उच्च शिक्षा में व्याप्त समस्याओं को लेकर विवि का किया घेराव

अंबिकापुर:  सरगुजा विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं के खिलाफ मंगलवार को अभाविप के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा के नेता भी कांग्रेसियों से कम नहीं हैं। मेडिकल कॉलेज इस वर्ष जीरो ईयर घोषित होने के बाद भी भाजपा की ओर से कोई आवाज नहीं उठाई गई। इधर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कुलपति ने कार्यालय से बाहर आकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। कुलपति द्वारा 30 मांगों में से कुछ को पूरा करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

अभाविप द्वारा 30 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को विश्वविद्यालय के खिलाफ संभागस्तरीय प्रदर्शन किया। इस दौरान लगभग ४ हजार कार्यकर्ताओं की विशाल रैली शहर में निकाली गई, जो घड़ी चौक से प्रारम्भ होकर विश्वविद्यालय परिसर के समीप पहुंचकर सम्पन्न हुई। विश्वविद्यालय के समीप रैली सभा में तब्दील हो गई। सभा के दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। लेकिन कार्यकर्ता सभा के दौरान वहां से हिले तक नहीं। सभा को संबोधित करते हुए अभाविप के प्रदेश मंत्री अंकित जायसवाल ने कहा सरगुजा विश्वविद्यालय को बने कई वर्ष हो गए हैं। विवि प्रबंधन की वजह से आज भी विश्वविद्यालय अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है।

49 हजार छात्र-छात्राओं को यह विश्वविद्यालय महज 4 कमरों में संचालित हो रहा है। महाविद्यालयीन समस्याओं की बात की जाए तो आज भी कई कॉलेजों में लैब, लाइब्रेरी, भवन एवं मूलभूत सुविधा ही नहीं है। इस दौरान सभा को निशांत गुप्ता, रवि प्रताप सिंह, निशांत गुप्ता, उपेन्द्र यादव, विवेक मिश्रा, निलेश गुप्ता, शुभम सिंह भदौरिया, सेवंती साहू, आकांक्षा पाण्डेय, नाजिया खान सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

अदानी व अंबानी से दोस्ती कर रहे हैं नेता प्रतिपक्ष
सभा को संबोधित करते हुए अभाविप प्रदेश मंत्री अंकित जायसवाल ने कहा कि सरगुजा में कांग्रेस के विधायक हैं। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने चुनाव से पहले कई बड़े-बड़े वायदे किये थे। परन्तु पिछले २ वर्ष के दौरान उन्होंने यहां उच्च शिक्षा के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया है। वे केवल अदानी और अंबानी से दोस्ती कर रहे हैं। उन्हें सरगुजा के आम छात्रों से कोई लेना देना नहीं है।

जीरो ईयर के बाद भाजपा नेताओं ने भी नहीं उठाया आवाज
अभाविप के प्रदेश मंत्री ने कहा कि भाजपा के नेता कांग्रेसियो से कम नहीं हंै। मेडिकल कॉलेज जीरो ईयर घोषित होने के बावजूद सांसद मौन साधे हुए हैं। जो लोग कहते हैं कि अभाविप भाजपा का छात्र संगठन है, उनके मुंह पर यह रैली एक तमाचा है। अभाविप के कार्यकर्ता भारत माता की सेवा करते हैं और भारत माता के लिए जीने-मरने का काम करते हैं।

बेरिकेट्स तोड़कर बढ़े आगे
पुलिस ने अभाविप के कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए कई जगह बेरिकेट्स बना रखा था। सभा समाप्त होने के बाद जैसे ही कार्यकर्ता आगे बढ़े, उन्हें रोकने के लिए पुलिस के जवान बेरिकेट्स के सामने खड़े हो गए। लेकिन हजारों के सख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने बेरिकेट्स तोड़ते व पुलिस जवानों को धक्का देते हुए आगे बढ़ गए। आगे पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कुलपति ने की मुलाकात
पुलिस की सख्त सुरक्षा के बीच कुलपति रोहिणी प्रसाद अन्य कर्मचारियों के साथ प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे। कुलपति को अभाविप के प्रतिनिधि मंडल ने कार्यकर्ताओं के समक्ष ही 30 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। कुलपति ने कुछ मांगों पर शासन स्तर पर प्रस्ताव रखने की बात कही। इसके साथ कुछ मांगों को जल्द ही पूरा करने का आश्वासन दिया।

कुलपति की लगेगी चौपाल
अभाविप के पदाधिकारियों ने कुलपति को कहा कि रविशंकर विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्या सुनने के लिए प्रत्येक सप्ताह चौपाल लगाई जाती है। उसी तर्ज पर अब यहां भी प्रत्येक सप्ताह कुलपति की चौपाल लगेगी। इसके साथ ही प्रत्येक अग्रणी कॉलेजों में विश्वविद्यालय का सेंटर खोला जाएगा। भवन निर्माण की मांग पर कुलपति ने बताया कि ढाई माह के अंदर विश्वविद्यालय का भवन बनना शुरू हो जाएगा।

इंजीनियरिंग कॉलेज में सिर्फ कौशल विकास के कार्य
लखनपुर में स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य पर अभाविप ने कई गम्भीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश की तिथि बढ़ाये जाने के बावजूद वहां गरीब बच्चों का एडमिशन नहीं लिया गया। इस पर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि यह तकनीकी विश्वविद्यालय से संबंधित मामला है तो कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग कॉलेज संबंद्ध है तो फिर यहां के नियम लागू होंगे। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि कॉलेज के प्राचार्य सिर्फ मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना का कार्य कर रहे हैं और कुछ भी नहीं कर रहे हैं।

सहायक कलक्टर से की अभद्रता
इधर रैली के दौरान घड़ी चौक पर अभाविप के कुछ कार्यकर्ता सहायक कलक्टर बालेश्वर राम से भिड़ गए थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने उनके साथ अभद्रता भी की।

 

 

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