बॉलीवुड

ए सी पान की दुकान ‘जय श्री गणेश’ का उद्घाटन फिल्म अभिनेता शिवा द्वारा सम्पन्न

मुंबई/गुजरात। आजकल हर व्यवसाय मॉर्डन और हाईटेक होते जा रहे है। ऐसे में आजकल पान शॉप भी मॉर्डन और हाईटेक होते जा रहे है।अभी हाल में गुजरात के सूरत के पास स्थित बारडोली के कपिल नगर में ‘जय श्री गणेश’ नामक ए सी पान की दुकान का उद्घाटन फिल्म अभिनेता और मशहूर खलनायक शिवा के हाथों हुआ।इसके मालिक बंसीधर पांडे है।यह उनकी ६ वीं ए सी पान की दुकान है।इससे पहले पांच ए सी पान की दुकान सूरत में खोल चुके है।ये लोग ६५ वर्ष पहले उत्तरप्रदेश के भदोही से आकर सूरत में बस गए है। पांडे परिवार के बॉसदेव, राजधर, गुलाबधर,लालमणि,शेषमणि, रामधर इत्यादि कई पीढ़ीयों से इसी व्यवसाय से जुड़े है। यहाँ पर २० रुपये से हज़ारों रुपये के पान मिलते है।यहाँ पर सी सी टीवी लगी है, कम से कम पांच पान आर्डर करने पर २५ रूपये अतिरिक्त लेकर होम डिलीवरी भी की जाती है और जल्दी ही इनकी वेब साइट भी शुरू होगी। बंसीधर पांडे कहते है,” यह फॅमिली पान शॉप है। लोगो को यहाँ आने पर थोड़ा आराम मिले और शांति पूर्वक परिवार के साथ पान का आनंद ले सके और मॉर्डन युग में आप बदलेंगे नहीं तो समय के साथ नहीं चल पाएंगे। इसलिए ए सी पान की दुकान खोली है।”

फिल्म हम, देशद्रोही, घातक जैसी लगभग दो सौ फिल्मों में काम करने वाले एक्टर और महशूर खलनायक शिवा ने ‘जय श्री गणेश’ पान शॉप का उद्घाटन किया। बातचीत के दौरान पता चला जोकि शिवा ने एक फिल्म ‘रक्त’ का निर्देशन किया था,जोकि सफल नहीं रही। लेकिन शिवा निर्देशक बन गया,इस चक्कर में फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने कोई काम के लिए नहीं बुलाया।२००६ में करण राजदान के निर्देशन में बनी महिमा चौधरी स्टारर फिल्म ‘सौतन- दी अदर वुमन’ में के साथ लास्ट काम किया था।दस वर्षों तक शिवा ने कोई भी धारावाहिक और फिल्मों में काम नहीं किया। अब जाकर फिर से शिवा फिल्मों और धारावाहिकों में सक्रिय हुए। अभी बिग मैजिक चॅनेल के डेली फंतासी धारावाहिक ‘ रूद्र के रक्षक’ में महाकाल की मुख्य भूमिका निभा रहे है। तथा ‘चट्टान’, डोंट वरी बी हैप्पी जैसे ७ फिल्मे कर रहे है।एक्टर और महशूर खलनायक शिवा कहते है,” फिल्मों में यदि आप एक भी अच्छा रोल कर देते है तो आपको लोग वर्षों तक याद रखते है। आज दस वर्षों से कोई काम नहीं किया लेकिन सभी का मुझे अच्छी तरह जानते है। मैंने निर्देशन किया तो लोगों को लगा कि शिवा निर्देशक बन गया और इसलिए कोई मुझे काम के लिए नहीं बुलाया। लेकिन अब दस वर्षों के बाद मैं पहले की तरह फिल्मों और धारावाहिकों में एक्टिव हो गया। समय है समय के साथ सब बदलता रहता है। “

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.