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शिक्षाविद् डॉक्टर जवाहर सुरिसेट्टी की मुहिम माई बेटी यूएन के एसडीजी कैम्पेन रिपोर्ट में शामिल

स्कूली छात्राओं को सैनिटेरी नैप्किन के उपयोग के लिए जागरुक करने की हुई थी पहल

रायपुर: न्यूयॉर्क से 10 अप्रैल को प्रकाशित यूएन के एसडीजी कैम्पेन रिपोर्ट 2017-18 में जिन संस्थाओं और कार्यक्रमों ने विश्व में नो योर गोल्ज के तहत उत्कृष्ट कार्य की रिपोर्ट में शामिल किया गया है उनमें शिक्षाविद् डॉक्टर जवाहर सुरिसेट्टी की मुहिम माई बेटी अभियान शामिल है। इस रिपोर्ट में महिला सशक्तीकरण एवं बेटी बचाओ अभियान में बेहतर कार्य के लिए शिक्षाविद डॉक्टर जवाहर सुरिसेट्टी की मुहिम माई बेटी को भी शामिल किया है।

माई बेटी विश्व के लड़कियों के शिक्षा एवं स्वास्थ्य में बेहतर व्यवस्था एवं सुविधा के लिए काम करती है। पिछले वर्ष बालिकाओं और महिलाओं को प्रेरित करने के लिए विश्व में पहली बार एक आॅनलाइन कॉन्फे्रन्स किया गया। जिसमें महिला उद्यमी, खिलाड़ी, गायिका, शिक्षक एवं अन्य क्षेत्र की अचीवर्स ने दूर के क्षेत्रों तक अपनी सफलता का राज बताया और महिलाओं और लड़कियों को कठिनाइयों का सामना कर जिंदगी में आगे बढ़ने को प्रेरित किया ।

यूएन की इस प्रेस रिलीज में कहा गया है की इस मुहिम नो योर गोल्ज के तहत 38 देशों में 150 कार्यक्रमों में 10000 से अधिक लोगों ने भाग लिया और सोशल मीडिया में 28000 से ज्यादा लोगों ने भाग लिया। इस रिपोर्ट में दुनिया को सही दिशा में ले जाने की युवाओं का जोश और इच्छाशक्ति को प्रतिबिम्बित किया गया है। यूएन की इस प्रोजेक्ट की लीडर जूलिया कर्कसकी ने सबको बधाई देकर और भविष्य में ज्यादा भागीदारी की उम्मीद की।

बता दें कि डॉक्टर जवाहर ने दो दशक पहले एक वर्ल्ड बैंक के शोध में अंदरूनी इलाकों में लड़कियों द्वारा सैनिटेरी नैप्किन के बदले राख के इस्तेमाल का जिÞक्र किया था और इस वजह से होने वाले खतरे से आगाह किया था और स्कूल में स्वच्छ जल एवं अलग टॉयलेट नहीं होने की वजह से ज्यादा लड़कियों के शाला त्यागी होने का डर जताया था। इस बात का प्रभाव दो दशक के बाद समझा गया और वर्तमान केंद्र सरकार ने लड़कियों के लिए अलग टॉयलेट एवं सैनिटेरी नैप्किन की व्यवस्था पर विचार किया।

माई बेटी की ये मुहिम निरंतरता से पिछड़े इलाकों की लड़कियों के कॅरिअर और कौशल विकास पर काम करता रहा है और लगातार संयुक्त राष्ट्र के मंच से विश्व के डिवेलप्मेंट गोल्ज प्रति निष्ठा से कार्य किया है। इस कैम्पेन रिपोर्ट में शामिल होने पर डॉक्टर जवाहर ने खुशी जाहिर की और कहा कि भारत में महिला सशक्तीकरण एवं बेटी के शिक्षा और स्वास्थ्य पर वो हमेशा काम करेंगे और उन्हें भारतीय होने पर गर्व है।

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शिक्षाविद् डॉक्टर जवाहर सुरिसेट्टी की मुहिम माई बेटी यूएन के एसडीजी कैम्पेन रिपोर्ट में शामिल
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