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एक अध्ययन के अनुसार अधिक आमदनी वाले स्वार्थी, कम वाले होते हैं मिलनसार

अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के पाउल पिफ ने अपने अध्ययन में बताया कि कई मामलों में, खुशियों के लिए रूपए की आवश्यकता नहीं होती है

एक अध्ययन के अनुसार अधिक आमदनी वाले स्वार्थी, कम वाले होते हैं मिलनसार

अधिक आदमनी करने वाले व्यक्ति सर्तक हो जाएं, क्योंकि ये आपको स्वार्थी बना सकता है.

एक अध्ययन के मुताबिक, अधिक आमदनी होने से व्यक्ति स्वार्थी हो सकता है जबकि इससे कम कमाने वाले व्यक्ति अपने रिश्तों का अधिक आनंद ले सकते हैं. उनमें दूसरों के साथ जुड़ने की क्षमता होती है.

अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के पाउल पिफ ने अपने अध्ययन में बताया, ‘कई मामलों में, खुशियों के लिए रूपए की आवश्यकता नहीं होती है.

इमोशन पत्रिका में छपी एक अध्ययन के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने राष्ट्रीय स्तर पर ये अध्ययन किया और इसमें 1,519 लोगों को शामिल किया.

मनोरंजन, भय, करुणा, संतोष को बनाया गया शोध का आधार

प्रतिभागियों से उनके घर में होने वाली आमदनी के बारे में पूछा गया. इसके बाद सात विशिष्ट भावनाओं को अनुभव करने के लिए खाका तैयार किया गया. इसे खुशी पाने का मुख्य आधार समझा गया. इन भावनाओं में मनोरंजन, भय, करुणा, संतोष, उत्साह, प्रेम और गौरव जैसी श्रेणी बनाई गई थी.

उदाहरण के लिए करूणा को मापने के लिए ‘दूसरों की मदद करने से अंदर गर्मजोशी महसूस होने जैसी’ प्रतिभागियों के अलग-अलग बयानों के साथ उनके जुड़ाव को मापा गया.

सामाजिक-आर्थिक रूप से सशक्त लोगों में पाया गया कि वे भावनाओं का अनुभव करने के बजाए उनकी बड़ी प्रवृत्ति आत्मकेन्द्रित थी.

कम आमदनी वाले व्यक्तियों में पाया गया कि वे अन्य लोगों के साथ भावनात्मक रूप से अधिक जुड़े हुए हैं.

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