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मौसम विभाग के मुताबिक कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश की संभावना

आधा दर्जन जिलों में इस दौरान अतिवृष्टि की भी चेतावनी जारी

नई दिल्ली: बीते एक सप्ताह से मानसून जमकर मेहरबान हो रहा है. एक सप्ताह पहले सक्रिय हुए मानसून के आने वाले दिनों में ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है. इसके साथ ही प्रदेश के करीब आधा दर्जन जिलों में इस दौरान अतिवृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है.

वहीँ मौसम विभाग के मुताबिक गंगीय दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश और गुजरात में मध्यम से भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश हो सकती है. दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, कोंकण गोवा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और असम के कुछ हिस्सों में साथ हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है.

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार के कुछ हिस्सों, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, विदर्भ, तटीय कर्नाटक और शेष पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पंजाब के कुछ हिस्सों, हरियाणा, केरल तेलंगाना पश्चिमी उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है.

राजस्थान में मानसून आने वाले दिनों में ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना

राजस्थान में एक सप्ताह पहले प्रदेश में सक्रिय हुए मानसून के आने वाले दिनों में ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है. इसके साथ ही प्रदेश के करीब आधा दर्जन जिलों में इस दौरान अतिवृष्टि का अलर्ट भी जारी किया गया है.

मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में भारी बारिश, निचले इलाकों में भरा पानी

मध्य प्रदेश में विशेषकर राज्य के पश्चिमी जिलों में भारी बारिश होने से निचले इलाकों में जल जमाव होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और छोटी नदियां और नाले उफान के साथ बह रहे हैं. अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार से प्रदेश के भोपाल, सीहोर और इन्दौर सहित पश्चिमी जिलों में लगातार बारिश से छोटी नदियां और नाले उफान पर हैं.

भारत मौसम विज्ञानी केन्द्र, भोपाल के मौसम विज्ञानी एस एन साहू ने बताया, ‘‘पिछले 24 घंटे में शनिवार सुबह तक सीहोर में 316 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जो प्रदेश में सबसे अधिक है. वहीं इन्दौर में 263 मिमी, जबकि भोपाल में इस दौरान 210 मिमी वर्षा दर्ज की गयी है. उन्होंने बताया कि अगले दो दिन तक प्रदेश के पश्चिम भाग में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है.

झुग्गी-बस्तियों में बाढ़ की स्थिति

भोपाल के निचले इलाकों और कुछ झुग्गी-बस्तियों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गयी है. भोपाल में बड़े तालाब का जलस्तर कम करने के लिये शनि़वार सुबह तालाब के भदभदा बांध के दरवाजे पानी निकालने के लिये खोल दिये गये. भोपाल के कुछ इलाकों की सड़कें जलमग्न हो गयी हैं. लगातार बारिश के कारण शाहपुरा झील का पानी सड़क पर बहने लगा.

पुलिस ने बताया कि बुंदेलखंड इलाके में छतरपुर जिले के नौगांव में ब्रिटिश काल की एक इमारत शुक्रवार देर रात को बारिश के कारण ढह गयी. यहां परिसर में खड़ी एक खाली बस पर मलबा गिरने से बस क्षतिग्रस्त हो गयी. इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है.

शाजापुर जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर तिलवड़ गांव के एक मंदिर में दर्शन करने गईं तीन महिलाएं अचानक आसपास का जल स्तर बढ़ने से वहां अटक गईं. स्थानीय निवासियों ने बताया कि शनिवार सुबह रस्सियों का उपयोग कर उन्हें बाहर निकाला गया.

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