मौसम विभाग के मुताबिक आज इन राज्यों में भारी बारिश की आशंका

अगस्त में हुई सबसे ज्यादा बारिश, टूटा 44 साल का रिकॉर्ड

नई दिल्ली: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान में आंधी तूफान और बिजली गिरने की आशंका के साथ तमिलनाडु, साउथ इंटीरियर कर्नाटक, केरल, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई जा रही है.

बीते महीने जुलाई के दौरान औसत से करीब 10 फीसदी कम बारिश हुई, जबकि अगस्त में 44 साल का रिकॉर्ड टूट गया. अगस्त में औसत से 25 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है, जोकि महीने के दौरान 1976 के बाद सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड है. हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले महीने सितंबर में मानसून की रफ्तार मंद पड़ सकती है.

आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने कहा, “मानसून के संबंध में अब तक का पूर्वानुमान सही साबित हुआ है और देशभर में मानसून का वितरण बेहतर व समरूप रहा है.अगस्त महीने में जोरदार बारिश हुई, मगर अगले महीने सितंबर में मानसून की रफ्तार धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती है, लेकिन जिन इलाकों में अब तक कम बारिश हुई, वहां बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है.”

यूपी के 16 जिलों के 644 गांव बाढ़ से प्रभावित

उत्तर प्रदेश के 16 जिलों के 644 गांव अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं जबकि गुजरात के भरूच, नर्मदा और वड़ोदरा जिलों में 9000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा नदी उफान पर है. दिल्ली में मौसम शुष्क रहा और धूप भी निकली. अधिकतम तापमान 34.7 डिग्र सेल्सियस के साथ सामान्य रहा. अधिकतम आर्द्रता 89 फीसद रही.

बिहार में बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्थिति में सुधार

बिहार में बाढ़ प्रभावित इलाकों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्थिति में सुधार हो रहा है. इस बीच, सरकार का दावा है कि 16 लाख से अधिक बाढ पीड़ित परिवारों के बैंक खाते में ग्रैचुट्स रिलीफ के तहत 6,000 रुपये भेजे गए हैं. सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने बुधवार को वीडिया कांफ्रेंसिंग के जरिए पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि बाढ़ की स्थिति में सभी जगहों पर काफी सुधार हो चुका है. उन्होंने बताया कि नदियों के बढ़े जलस्तर से बिहार के 16 जिलों के कुल 130 प्रखंडों की 1,333 पंचायतों के 83 लाख 62 हजार 451 लोग प्रभावित हुए थे.

महाराष्ट्र में भी बाढ़ का संकट

महाराष्ट्र में विदर्भ क्षेत्र के नागपुर, भंडारा, चंद्रपुर और गढ़िचरौली जिलों में 175 गांवों से 53000 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाये गये. वहां भारी बारिश एवं बांध से पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ के हालात बन गये. इन चार जिलों में 92000 से अधिक लोग बाढ़ एवं बारिश से प्रभावित हुए हैं. नागपुर संभागीय आयुक्त कार्यालय के अनुसार राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और सेना समेत बचाव एवं राहत की ग्यारह टीमें चंद्रपुर और भंडारा जिलों में लगी हैं.

गुजरात में 9000 से अधिक लोगों को किया रेस्कयू

गुजरात के भरूच, नर्मदा और वडोदरा जिलों में 9000 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाये गये. नर्मदा नदी उफान पर है. राज्य में वर्षा की तीव्रता कम हुई लेकिन पिछले तीन दिनों के दौरा वर्षा जनित घटनाओं में 12 लोगों की जान जा चुकी है.

राजस्थान में मानसून की बारिश का दौर जारी है और पूरे राज्य में हल्की से लेकर भारी बारिश हो रही है. जैसलमेर में सात सेंटीमीटर, जोधपुर के शेरगढ़ में सात सेंटीमीटर, बाड़मेर के शिव में पांच सेंटीमीटर, जालौर के भीनमाल में चार सेंटीमीटर, सिरोही के माउंट आबू में चार सेंटीमीटर, बारां के चिपाबारोड़ में तीन सेंटीमीटर बारिश दर्ज की. अनेक अन्य जगहों पर एक सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश हुई.

हरियाणा और पंजाब में अधिकतम तापमान मंगलवार को सामान्य सीमा के करीब रहा. मौसम विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. मौसम विभाग के अनुसार दोनों राज्यों की राजधानी चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

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