शिक्षाधिकारी नरेंद्र कुमार सिन्हा पर लगा खेलगड़िया एवं शाला अनुदान राशि का नगद आहरण एवं इसमें लाखों रुपये का घोटाला करने का आरोप

- रोशन सोनी

सीतापुर : अज्ञात लोगों ने विस्वस्थ सूत्रों के द्वारा मीडिया को जानकारी दी है कि सीतापुर विकासखंड शिक्षाधिकारी नरेंद्र कुमार सिन्हा ने लाखों रुपये के घोटाला किया है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सभी प्राइमरी और मिडिल स्कूल के लिए शाला अनुदान में 10~10 हजार रुपये स्कूल के खाते में जमा हुए थे।

विस्वस्त सूत्रों ने बताया कि बी.ई.ओ नरेंद्र सिंहा ने उनके ऊपर दबाव डाला और विद्यालय के प्रधानपाठकों एवं संकुल समन्वयकों से 5~5 हजार रुपये प्रत्येक विद्यालयों से नगद आहरण कराकर अपने पास पूरे पैसों को इक्कठा कराया गया जिसके पश्चात समान क्रय नियम सभी को ताक में रखकर स्कूल के लिए पर्दा क्रय किया गया और सप्लाई किया गया।

इसके साथ ही प्रत्येक प्राइमरी के खाते में जमा 3 हजार रुपये एवं मिडिल स्कूल के खाते में जमा 5 हजार रुपये एवं हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल के खातें में जमा 25 हजार रुपये राज्य शासन से खेलगड़िया योजना के तहत खेल सामग्री क्रय करने के लिए विद्यालय के खाते में राशि जमा हुई थी।

विस्वस्त सूत्रों ने बताया कि पहले तो नरेंद्र सिन्हा ने संकुल समन्वयकों और प्रधानपाठकों पर दबाव डाला इसके बाद प्राथमिक,माध्यमिक एवं हाई स्कूल को प्रदाय की गई सभी राशि को अपने पास मँगाकर जमा किया गया एवं खरीदी नियम को तार~तार करते हुए केवल 500 रुपये की खेल सामग्री विद्यालयों को सीमेंट की बोरी में प्रदाय की गई बाकि शेष लाखों रुपये की राशि हेराफेरी करते हुए डंकार लिया गया जिसमें प्रशासन स्तर से जाँच एवं कड़ी कार्यवाही करने की ईक्षा सभी शिक्षकों ने जताई है।

Accusation of cash and ammunition funds attached to education officer Narendra Kumar Sinha and scandal involving lakhs of rupees in it

गौरतलब हो मुखबिर ने मीडिया को बताया कि प्राइमरी स्कूल को 3 हजार रुपये एवं मिडिल स्कूल को 5 हजार रुपये जो दिया गया था उस सम्पूर्ण राशि को नगद आहरण कराकर संकुल समन्वयक के माध्यम से बी.ई.ओ नरेंद्र कुमार सिन्हा अपने पास इक्कठा कराएँ एवं उसके एवज में केवल 500 रुपये का सामान सीमेंट की बोरी में डालकर विद्यालयों को बाँटा गया जिसकी शिकायत भी शिक्षकों के द्वारा की गई है।

इसी प्रकार प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल से शाला अनुदान के रूप में दी गई 10000 रुपये में से 5000 रुपये सभी विद्यालयों से आहरण कराया गया और उसके एवज में विद्यालयों को घटिया स्तर पर पर्दा सप्लाई कराया गया।

इसमें गौर करने की बात यह है कि कुछ विद्यालयों को छोड़कर सभी विद्यालयों से कुल मिलाकर 10~10 हजार रुपये दो किश्तों में इक्कठा कराकर लाखों रुपये का भारी भरकम घोटाला नरेंद्र सिन्हा के द्वारा किया गया।

ज्ञातव्य हो कि विस्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक नरेंद्र कुमार सिन्हा के द्वारा संकुल समन्वयकों की बैठक लेकर सभी विद्यालयों के शिक्षा समिति बैठक पंजी में पैसे की आहरण तिथि से पहले की तारिख से फर्जी रूप से अनुमोदन कराने के लिए दबाव डाला जा रहा है जिसपर सभी संकुल समन्वयक हैरान एवं परेशान है कि कैसे किया जाएँ।

इस संबंध में सीतापुर विकासखण्ड शिक्षाधिकारी नरेंद्र कुमार सिन्हा से भी बात की गई,,, उनका कहना है कि इस संबंध में मैं कुछ नहीं कहना चाहता। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस घोटाले के बड़े मामलें में बी.ई.ओ.नरेन्द्र सिंहा के विरुद्ध क्या कुछ कार्रवाई कर पाती है।

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