आरोपी वली मोहम्मद मीर गिरफ्तार, 23 साल तक रहा गिरफ्त से बाहर

खूंखार नागरिक सेना का हिस्सा था वली मोहम्मद मीर

श्रीनगर: सुंबल के एक पुलिस अफसर की देखरेख में स्टेशन हाउस अधिकारी के नेतृत्व में सुंबल पुलिस स्टेशन की एक पुलिस पार्टी ने सदरकुट बाला बांदीपोरा के मोहम्मद मकसूद मीर के बेटे वली मोहम्मद मीर को गिरफ्तार किया गया.

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आरोपी वली मोहम्मद मीर को बरवाला कंगन गांव से गिरफ्तार किया. वली मोहम्मद मीर खूंखार नागरिक सेना का हिस्सा था, जिसे इखवान के नाम से जाना जाता था, जो 1990 के दशक में कश्मीर में सक्रिय था.

पुलिस के अनुसार, वली मोहम्मद मीर को बरवाला कंगन गांव से गिरफ्तार किया गया था. रिकॉर्ड के मुताबिक वह सात लोगों की हत्या में शामिल था, जिसमें गांव सदरकूट बाला के पांच पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं. 5 अक्टूबर, 1996 को सादेरकोटे-बाला, बांदीपोरा में तीन परिवारों के सात सदस्यों को इन बंदूकधारियों ( इख्वानियों ) ने मार डाला था.

जिला और सेशन जज बांदीपोरा द्वारा कई वारंट जारी किए गए थे, लेकिन वली मोहम्मद मीर 23 साल तक छिपने में कामयाब रहा. सरकारी वकील शफ़ीक़ के मुताबिक “यह एक नरसंहार था जो 5 अक्टूबर को हुआ था, आज उसका पहला पड़ाव तय हुआ है. इस नरसंहार का एक मुल्ज़िम गिरफ्तार किया गया है.”

गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की प्रशसा की गई मामले को लेकर कई प्रतिक्रियां मिली. पूर्व आईएएस अधिकारी-राजनीतिज्ञ शाह फैसल ने कहा, “23 साल तक गिरफ्तारी से बचते हुए, सात हत्याओं में आरोपी खूंखार रशीद बिल गिरोह का वली मीर को, आखिरकार बांदीपोरा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया. कश्मीर को न्याय मिलेगा जब सभी राज्य और गैर-राज्य अधिकारी जो मानवाधिकार उल्लंघन करते हैं को दंडित किया जाएगा. शाह ने ट्विटर पर लिखा.

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