CM द्वारा कवर्धा डीएफओ पर कार्रवाई केवल राजनीतिक स्टंट है स्विमिंगपूल वाले डीएफओ चंदेले पर कार्यवाही करें तो जाने – विकास तिवारी

रमन सरकार अपने माहते के भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देती है

रायपुर : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा कवर्धा वनमंडल के डीएफओ प्रभात मिश्रा को हटाया जाने पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा की यह केवल खानापूर्ति के लिये की गयी कार्यवाही मात्र है, लोक सुराज अभियान को सुर्खियों में लाने के लिए सूबे के मुखिया द्वारा किया गया एक राजनीतिक स्टंट मात्र है।
प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री रमन सिंह वन विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार पर संजीदा होते तो सर्वप्रथम सुकमा जिले के पूर्व वन मंडलाधिकारी राजेश चंदेले पर कड़ी कार्यवाही करते जो कि स्विमिंगपूल वाले साहब के नाम से पूरे विश्व में प्रसिद्धि पा चुके हैं।

जिन पर पांच करोड़ से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है और उनके द्वारा बनाया गया स्विमिंगपूल जो कि उन्हीं के सरकारी आवास सुकमा में था वह लगभग 70 लाख की राशि खर्च करके बनवाया गया था उनको निलंबित करके जेल भेजने की जगह राजधानी रायपुर के वन विभाग के महति पद में बैठा दिया गया है। इससे स्पष्ट है कि रमन सरकार अपने माहते के भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देती है और उनसे मोटा कमीशन वसूलने का भी काम करती है।

प्रदेश के विभाग के दर्जनों आलाधिकारियों पर करोड़ों रुपया भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा है लेकिन सरकार उनके फाइलों की जांच करने की जगह उन्हें प्रश्रय दे रही है जबकि नियमतः इन सभी भ्रष्ट अधिकारियों की फाइल को दिल्ली मुख्यालय में कार्यवाही के लिए भेजना था लेकिन इन अधिकारियों से सांठगांठ करके इन पर लगे करोड़ो रुपए के भ्रष्टाचार के आरोपों की फाइल को मंत्रालय में ही दबा के रखा गया है।

और आज भी छत्तीसगढ़ वन विभाग के भ्रष्ट अधिकारी मलाईदार जगह पर तैनात हैं और जमकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री लोक सुराज अभियान पर संजीदा है और जनता के सामने भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करना चाह रहे हो तत्काल सुकमा पूर्व वनमंडलाधिकारी राजेश चंदेले जो की राजधानी रायपुर में पदस्थ हैं जिनके भ्रष्टाचार की मोटी फाइल बनी हुई है उनके द्वारा ना केवल करोड़ों रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की गई है वर्णन अपने सुकमा जिले के सरकारी आवास पर आलीशान अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर बना हुआ तरणताल बनवाया गया था उस सुकमा जिले में बनवाया गया था।

जहां पर कि आदिवासीजनों को पीने का साफ पानी नहीं मिलता, आदिवासी लोग मटमैला और लाल प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं और भ्रष्ट अधिकारी रोजाना दो लाख लीटर मिनरल वाटर में जलक्रीडा करते थे, राजेश चंदेले के जगदलपुर के छोटे देवरा स्थित फार्म हाउस में भी एक आलीशान स्विमिंगपूल बना हुआ है यह वह संपत्ति है जो की आय से अधिक संपत्ति के सूची में है बावजूद इन सब जानकारियों के रमन सरकार कार्यवाही नहीं कर रही है और दिखावा मात्र खानापूर्ति के लिए कवर्धा जिले के वन मंडला अधिकारी को अपदस्थ करती है।

advt
Back to top button