छत्तीसगढ़

लिखित शिकायत के बावजूद नही की जा रही कार्यवाही ,सहमति पत्र में फर्जी हस्ताक्षर का मामला

रितेश गुप्ता

पसान::- कोरबा जिले के अंतिम छोर में बसा ग्राम पसान यहाँ पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों की कार्यप्रणाली व लापरवाही किसी से छिपी नहीं है ..

पसान थाना जहाँ निरीक्षक ,उपनिरीक्षक सभी है किंतु यहाँ कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है , हालांकि पसान थाना में निरीक्षक तो हर साल बदले जाते है किंतु यहां की कार्यप्रणाली में बदलाव देखने को नही मिलता ….

ऐसा ही एक ताजा मामला

पसान का जहाँ जमीन में सहमति पत्र में फर्जी हस्ताक्षर कर रिकॉर्ड में हेराफेरी की शिकायत 25 जून को पसान थाने में की गई । जिसमे एक पसान निवासी द्वारा लिखित शिकायत किया गया था , जिसमे पीड़िता का लिखित बयान दर्ज तो कराया गया , किंतु आज 24 दिन होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्यवाही नही की गई ….

प्रश्न उठना लाज़मी है क्योंकि :-

वही हम बात करे मीडिया कर्मी के ऊपर कार्यवाही की तो ,,ऊपर बैठे एसडीओपी व अधिकारियों के नेतृत्व में तत्काल ही बिना जांच किये मीडिया कर्मी को गिरफ्तार कर लिया जाता हैं ..किंतु सही शिकायतों पर ध्यान कोई नही देता ..

पीड़िता परिजन:- ने बताया कि शिकायत किये आज 24 दिन होने को है किंतु आज तक आरोपियों के ऊपर कार्यवाही नही की गई ना ही एफआईर दर्ज की जा रही ,केवल बार 2 जाँच किया जा रहा बताया जा रहा , पीड़िता के परिजनों ने बताया कि इसकी मौखिक जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दी गयी है .

थाना प्रभारी रामकुमार राणा:- पसान:–

थाना प्रभारी रामकुमार राणा:- पसान:–मीडिया कर्मी के जानकारी लेने पर एक ही बात की जाँच चल रही …बताया गया

आखिरकार यहां एक सवाब जरूर उठता है कि एक फर्जी हस्ताक्षर के मामले में कितने महीने तक जाँच की जाएगी

उपनिरीक्षक :-

इस केस की फाइल पहले मेरे पास थी उसके बाद थाना प्रभारी द्वारा जाँच किया गया ,अभी फिर मुझे इसकी जाँच करने को बोला गया हैं …

क्या केस इतने बड़ा है कि पहले निरीक्षक फिर उप निरीक्षक जाँच कर रहे हैं , या केस को कुछ स्थानिय नेताओं के कहने पर दबाने की कोसिस की जा रही …
यहां यह प्रश्न उठना लाजमी है कि या तो पुलिस कर्मचारि , अधिकारी लापरवाह है ,या स्थानिय प्रतिनिधि व नेता पुलिस प्रशासन पर ज्यादा हावी हैं …

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