छत्तीसगढ़

एक्टिव केस फाइंडिंग सर्वे में मिले टीबी के 2 नए रोगी

2,182 लोगों की स्क्रीनिंग में से 196 संभावितों की हुई जांच

बेमेतरा: प्रदेश के सभी जिलों को वर्ष -2023 तक क्षय रोग मुक्त करने को `टीबी हारेगा देश जीतेगा’ के संकल्प के साथ अभियान शुरु किया गया है। इस क्रम में जिले में एक्टीव केस फाइंडिंग के तहत विशेष क्षय रोगी खोजी अभियान में 2 नए क्षय रोगी मिले हैं । जिले के हाई रिस्क एरिया में ग्रामीण और शहरी मलिन बस्तियों को लक्षित करके श्रमिकों, वृद्वाआश्रम, रैन बसेरा व जेल के कैदियों को बीच जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 2,182 लोगों की स्क्रीनिंग की थी। इनमें 196 संभावितों की सेम्पल जांच सीबीनॉट लैब में हुयी जिसमें 2 लोगों में टीबी पॉजिटिव की पुष्टी हुई है। इन नए टीबी के मरीजों का पंजीकरण कर इलाज शुरू कर दिया गया है।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जीएस ठाकुर ने बताया ‘‘ ज़िले में सघन क्षय रोगी खोज अभियान विशेष रुप से शहरी और ग्रामीण मलिन बस्ती, खदान क्षेत्र, प्लांट क्षेत्र, अनाथ आश्रम एवं वृद्ध आश्रम, हाई रिस्क क्षेत्र, जेल (महिला एवं पुरुष ) गिट्टी खदान क्षेत्र, राईस मिल क्षेत्र में 11 जनवरी से 15 फरवरी तक चलाया गया है । इस दौरान शहरी और ग्रामीण मलिन बस्ती क्षेत्र में कुल 425 लोगों की स्क्रीनिंग की गई उनमें से 35 संभावित की विशेष जांच में 2 लोगों की रिपोर्ट टीबी पॉजिटिव आई है।

वहीं जेल में 157 कैदियों की स्क्रीनिंग की गई उनमें से 7 संभावित की विशेष जांच में रिपोर्ट निगेटिव रहा। माइंस एरिया में 350 श्रमिक की स्क्रीनिंग की गई उनमें से 98 संभावित की विशेष जांच में रिपोर्ट निगेटिव रहा। वृद्वा आश्रम में 5 लोगों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें रिपोर्ट निगेटिव रहा। धान खरीदी केंद्र में 400 की स्क्रीनिंग से 50 लोगों संभावित की विशेष जांच में रिपोर्ट निगेटिव रहा। स्वास्थ्य कार्यकर्ता में से 850 लोगों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें 6 लोग संभावित पाए गए जिनका जांच रिपोर्ट निगेटिव रहा”।

16 टीमों के द्वारा चलाया गया अभियान

11 जनवरी से 15 फरवरी तक चले इस विशेष टीबी रोगी खोज अभियान में घर-घर पहुंचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 16 टीमें बनाई थीं। तीन चरणों टीबी की खोज के लिए प्रत्येक टीम में 4 से 5 सदस्य रखे गये थे।

पंजीकरण और इलाज पर जोर

क्षय रोगी खोजी अभियान में लोगों को यह भी बताया गया कि अगर उनके यहां किसी का क्षय रोग का इलाज चल रहा है तो उनको क्षय रोग कार्यालय में पंजीकृत कराएं। ताकि उन्हें बेहतर दवाएं निशुल्क मिलें और उनका इलाज करने के साथ ही उन्हें पोषण भत्ता दिलाया जा सके। जिले में वर्ष 2020 में शासकीय अस्पताल में 473 व निजी अस्पताल 83 सहित कुल 556 टीबी मरीजों की इलाज जारी है।

ऐसे लक्षण दिखे तो जांच जरूरी

दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी का आना। खांसी के साथ बलगम और बलगम के साथ खून आना। वजन घटना। बुखार, सीने में दर्द, शाम के समय हल्का बुखार, रात में बेवजह पसीना आना। कम भूख लगने जैसी जैसी शिकायत है तो एक बार अपनी जांच जरुर करा लें। समय पर इलाज हो जाने से टीबी ठीक हो सकता है।

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