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अभिनेता श्रीराम लागू का निधन, महाराष्ट्र से जुड़े कई बड़े नेताओं ने जताया दुख

श्रीराम के जाने से बॉलीवुड के साथ थिएटर जगत को भी भारी नुकसान

मुंबई:हिंदी और मराठी फिल्मों के साथ-साथ हिंदी, मराठी और गुजराती नाटकों सहित 211 से अधिक फिल्मों में अभिनय करने वाले भारतीय फिल्म और थिएटर अभिनेता श्रीराम लागू अब हमारे बीच नहीं रहे. 92 वर्ष के उम्र में श्रीराम लागू का निधन हो गया.

श्रीराम लागू का जन्म 16 नवंबर 1927 में महाराष्ट्र के सतारा में हुआ था. श्रीराम के जाने से बॉलीवुड के साथ थिएटर जगत को भी भारी नुकसान हुआ है. कई फिल्मों में श्रीराम लागू अपने चरित्र अभिनय के लिए सराहे गए.

इस महान अभिनेता के निधन पर महाराष्ट्र से जुड़े कई बड़े नेताओं ने दुख जताया है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर और नितिन गडकरी ने ट्वीट कर श्रीराम लागू के निधन पर शोक व्यक्त किया है.

महान अभिनेता श्रीराम लागू को मेरी श्रद्धांजलि

जावड़ेकर ने ट्वीट में लिखा, ‘महान अभिनेता श्रीराम लागू को मेरी श्रद्धांजलि. हमने एक बहुमुखी व्यक्तित्व को खो दिया है. अद्वितीय थिएटर अभिनेता ने सिल्वर स्क्रीन पर अपना दबदबा बनाया और प्रभाव पैदा किया. वह एक सामाजिक कार्यकर्ता भी थे.’

वैचारिक ज्ञान के साथ एक प्रयोगात्मक चित्रकार

शरद पवार ने मराठी में ट्वीट किया है, ‘वैचारिक ज्ञान के साथ एक प्रयोगात्मक चित्रकार के रूप में डॉक्टर श्रीराम लागू का बड़ा प्रभाव रहा. पुराने लोगों से लेकर नवोदित कलाकार तक, सभी ने उनके योगदान को को महसूस किया. उनके निधन के साथ महाराष्ट्र ने एक प्रतिभाशाली अभिनेता खो दिया. उन्हें भावुक श्रद्धांजलि!’

नितिन गडकरी ने ट्वीट में लिखा है, ‘वरिष्ठ अभिनेता श्रीराम लागू की मौत से मराठी नाटक को अपूरणीय क्षति हुई है. उन्होंने केज, समाना और नटसम्राट, हिमालयन शैडो जैसी फिल्मों के माध्यम से मराठी सिनेमा-नाटकों को जीवंत किया. मेरी डॉ. लागु को विनम्र श्रद्धांजलि.’

श्रीराम लागू ने 100 से ज्यादा हिंदी और 40 से ज्यादा मराठी फिल्मों में काम किया. ‘आहट: एक अजीब कहानी’, ‘पिंजरा’, ‘मेरे साथ चल’, ‘सामना’, ‘दौलत’ जैसी कई फिल्मों में श्रीराम की एक्टिंग को काफी सराहा गया. 1978 में फिल्म घरौंदा के लिए डॉ. लागू को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया.

डॉ. लागू प्रसिद्ध नाटक नट सम्राट के पहले हीरो थे. इस नाटक में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है. नट सम्राट नाटक में उन्होंने अप्पासाहेब बेलवलकर की भूमिका निभाई थी, जिसे मराठी थिएटर के लिए मील का पत्थर माना जाता है.

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