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आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक का दर्जा हो गया समाप्त

आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक का वजूद अब खत्म हो गया

नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आदित्य बिरला आइडिया पेमेंट्स बैंक का दर्जा समाप्त कर दिया है. RBI ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी दी और कहा कि आदित्य बिरला आइडिया पेमेंट्स बैंक का बैकिंग नियमन अधिनियम के तहत बैंकिंग कंपनी का दर्जा समाप्त कर दिया है. ग्राहक अब इस बैंक से लेन-देन न करें.

देश में बैंकिंग सेवाओं को घर-घर पहुंचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने साल 2015 में पेमेंट बैंक की खास सर्विस की शुरुआत की थी. इसके तहत आरबीआई ने कई कंपनियों को बैंकिंग के लिए लाइसेंस जारी किए थे. इन्हीं में से एक आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक का वजूद अब खत्म हो गया है.

क्या होता है पेमेंट बैंक- पेमेंट बैंकों को लॉन्च करने का मुख्य उद्देश्य स्माल सेविंग अकाउंट्स होल्डर्स, लो इनकम हाउसहोल्ड (कम आय वाले परिवार), असंगठित क्षेत्र, प्रवासी मजदूरों और छोटे बिजनेसमैन को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना है. पेमेंट बैंक सेविंग्स डिपोजिट स्वीकार करते हैं ताकि आप ट्रांजेक्शन में इनका इस्तेमाल कर सकें. ये बैंक लोन नहीं देते हैं. ये फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट भी नहीं खोलते हैं.

क्या है जमा करने की अधिकतम सीमा- इन बैंकों में जमा करने की अधिकतम सीमा 1 लाख रुपये हैं. पेमेंट बैंक सरकारी बॉन्ड्स में निवेश कर सकते हैं. ये मेनस्ट्रीम बैंक के अपने खाते में 25 फीसदी तक राशि जमा कर सकते हैं.इन बैंकों में रकम जमा करने पर ग्राहकों को अच्छे रिटर्न्स मिलने की उम्मीद है. ये डेबिट कार्ड और चेक बुक जैसी तमाम सुविधाएं भी देते हैं.

2017 में मिला था लाइसेंस- आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक को अप्रैल 2017 में RBI से बैंकिंग कंपनी के तौर पर काम करने का लाइसेंस मिला था. इसने 22 फरवरी 2018 को अपना कामकाज शुरू किया था. आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक में ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 51 फीसदी और वोडाफोन आइडिया लिमिटेड की 49 फीसदी हिस्सेदारी थी.

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