मंत्रालय की छठी मंजिल पर उतरे बगैर नहीं रहेगा आदित्य यान: संजय राउत

मुंबईमहाराष्ट्र में 21 अक्‍टूबर को वोट पड़ेंगे. शिवसेना और बीजेपी के बीच गठबंधन हो गया है और दोनों के बीच सीटों के बटवारे में शिवसेना की झोली में महज 124 सीटें आई हैं. माना जा रहा है कि प्रदेश में हमेशा बड़े भाई की भूमिका अदा करती आई शिवसेना, बीजेपी के सामने सूबे की सियासत में बौनी पड़ती जा रही है.

इसी बीच शिवसेना की दशहरा रैली में पार्टी के वरिष्‍ठ नेता संजय राउत ने महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि चंद्रयान में तकनीकी खराबी हुई और उसकी क्रैश लैंडिंग हुई लेकिन आदित्य यान मंत्रालय की छठी मंजिल (सीएम ऑफिस) पर उतरे बगैर नहीं रहेगा.

शिवसेना का अगली विजयदशमी तक महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री बनेगा

उन्‍होंने कहा कि शिवसेना का अगली विजयदशमी तक महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री बनेगा और इस मंच पर होगा. इस बार शिवसेना का आंकड़ा सौ के पार होगा. आदित्य ठाकरे शिवसेना का नया नेतृत्व है. शिवसेना की जीत की शुरुआत कणकवली से होगी (यहां नारायण राणे के बेटे चुनाव लड़ रहे हैं). जिन लोगों ने पीठ में खंजर घोंपा, ऐसे लोगों को जवाब देना होगा.

नोटबंदी गलत फैसला था यह कहनेवाले उद्धव ठाकरे थे. गठबंधन में समझौता करना पड़ता है. यह राजनीति में ऊंची छलांग मारने का फैसला है. 370 का विषय जोरशोर से बाल ठाकरे ने उठाया था, दिल्ली की सरकार उनके दिखाए मार्ग पर चल रही है. अब एक ही हमला करो पाकिस्तान पर और वीर सावरकर का अखण्ड भारत का सपना पूरा करो.

उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान की भी परवाह नहीं की जिसमें पीएम मोदी ने राम मंदिर मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी होने का हवाला देते हुये नेताओं को मंदिर-मस्जिद विवाद पर बयानबाजी से बचने की सलाह दी थी.

राम मंदिर पर राजनीति नहीं होनी चाहिए

उद्धव ठाकरे ने कहा, ”प्रधानमंत्री ने कहा कि राम मंदिर पर बयान ना दें. कोर्ट में केस है लेकिन हमारी मांग है कि विशेष कानून बनाया जाय और अयोध्या में भगवान श्री राम का मंदिर बनाया जाय और हमने मंदिर बनाने का वचन दे दिया है तो मंदिर बनाकर रहेंगे. राम मंदिर पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. राम मंदिर बनाने का वादा पूरा होना चाहिए.”

इस तरह राम मंदिर मसले पर उद्धव ठाकरे, प्रधानमंत्री की सलाह को शिवसेना की दशहरा रैली मे नजरअंदाज कर गये और लंबा-चौड़ा भाषण कर शिवसैनिकों की तालियां बटोर गये. शिवसेना के इसी मंच से शिवसेना सांसद संजय राउत भी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में देरी और मंदिर निर्माण की शिवसेना की कोशिश और हर एक ईंट पर उद्धव ठाकरे और शिवसेना की छाप पड़ने का भाषण करते नजर आये.

शिवसेना का मुस्लिम कार्ड

उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना मुसलमानों का भी स्वागत करती है. शिवसेना मुस्लिम आरक्षण और धनगर आरक्षण की पक्षधर है. शिवाजी महाराज की सेना में महाराष्ट्र के मुसलमान और दूसरे सभी धर्मों के लोगों ने दिल्ली के शासकों का तख्त हिला दिया था.

उन्‍होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या शरद पवार पीएम के तौर पर चाहिए थे? मुलायम, महबूबा, मायावती जैसे लोग चाहिए थे. इसीलिए हमने खुलकर बीजेपी को लोकसभा में समर्थन दिया और गठबंधन किया.

जिस तरह बीजेपी-शिवसेना का गठबंधन हुआ, उसी तरह दूसरी ओर सपा-बसपा का गठबंधन हुआ. लेकिन उनमें सत्ता की लालसा थी इसलिए जनता ने उन्हें गेट आउट कहा. शिवसेना किसी के सामने झुकी नहीं…शिवसेना सिर्फ मराठी और छत्रपति के सामने झुकेगी.

Back to top button