250 लोगों के साथ बैठक करने प्रशासन ने नहीं दी अनुमति : मोहम्मद अकबर

कवर्धा।

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरु हो गई है. प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू है. आचार संहिता लगते ही अधिकारी अपने पावर का भरपूर इस्तेमाल करते भी नजर आ रहे हैं. कई जगह अधिकारों के दुरुपयोग की भी खबरें निकल कर सामने भी आ रही है. इसी बीच कवर्धा में जिला प्रशासन ने एक होटल में आयोजित पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर के एक छोटे से कार्यक्रम को रद्द कर दिया है.

शनिवार को पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर की व्यापारियों के साथ एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन रखा था. जिसमें जिले के तकरीबन 250 व्यापारियों को आमंत्रित किया गया था. लेकिन एक दिन पहले कवर्धा जिला प्रशासन द्वारा अचानक मोहम्मद अकबर के कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया. कार्यक्रम को रद्द करने के पीछे जिला प्रशासन द्वारा जिन वजहों को बताया गया. उन वजहों ने जिले के अधिकारियों के ऊपर खुद ब खुद सवालिया निशान लगा दिया है.

जिस होटल सेलीब्रेशन में कार्यक्रम रखा गया था जिला प्रशासन द्वारा कहा गया है कि होटल नेशनल हाईवे के किनारे है. वहां पार्किंग की व्यवस्था नहीं है और 250 लोग पहुंचेंगे तो यातायात की समस्या उत्पन्न होगी. वहीं नगर पालिका अधिनियम एवं उच्च न्यायालय बिलासपुर के अनुरुप होटल रायल सेलीब्रेशन को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नगर पालिका परिषद कवर्धा को उपलब्ध कराया जाना था. सर्टिफिकेट की अनुपलब्ध होने के कारण आगंतुकों को आकस्मिक दुर्घटना से बचाने के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है.

पैदल पहुंच कर मुलाकात की

अनुमति नहीं मिलने की वजह से मोहम्मद अकबर डोर टू डोर व्यापारियों के पास पहुंचे. तकरीबन 5 से 6 घंटे लगातार पैदल चलकर उन्होंने हजारों की संख्या में छोटे-बड़े सभी व्यापारियों से मुलाकात की.

हजारों लोगों की पार्टियां चलती है होटल में

इस पूरे मामले में मोहम्मद अकबर ने प्रदेश सरकार के ऊपर गंभीर आरोप लगाया है, उन्होंने कहा कि उन्हें रमन सिंह रोक रहे हैं. उनके चुनाव लड़ने से शासन-प्रशासन घबराया हुआ है. मोहम्मद अकबर ने कहा कि यह नियम हर राजनीतिक दल पर लागू होना चाहिए. जिस होटल सेलीब्रेशन में साल भर तक शादी-ब्याह इत्यादि की पार्टियां चलते रहती है. जहां एक साथ दो-दो हजार लोग पहुंचते हैं वहां प्रशासन 250 लोगों के लिए पार्किंग की समस्या बता रहा है. तो फिर ये पार्टियां कैसे हो जाती हैं उन्हें प्रशासन कैसे अनुमति दे देता है.

सवाल ये भी हैं

मोहम्मद अकबर को जिला प्रशासन ने जिन कारणों का हवाला देते हुए अनुमति देने से इंकार कर दिया है. अब वही जिला प्रशासन के अधिकारियों के लिए गले की हड्डी साबित हो सकता है. साथ ही में जिले के अधिकारियों के ऊपर भी सवालिया निशान लगा रहा है. सबसे पहला सवाल यह है कि बगैर पार्किंग व्यवस्था के होटल संचालन की अनुमति किस आधार पर दी गई.

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