5 दिनों से कोमा में महतारी और मौज में प्रशासन

रायपुर : प्रदेश सरकार कितनी ही अच्छी और लोक कल्याणकारी योजनाएं बना ले, मगर उसकी बखिया उधेडऩे में अधिकारी कर्मचारी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिला अस्पताल रायपुर में। जहां गर्भवती महिला को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया। अस्पताल के उच्च प्रशिक्षित डॉक्टर्स ने उसका ऑपरेशन किया। महिला ने शल्ययन के बाद एक स्वास्थ शिशु को जन्म तो दिया, मगर उसके बाद से वो कोमा में चली गई है। अपनी लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए डॉक्टर्स ने तत्काल मरीज को अंबेडकर अस्पताल रिफर कर दिया। वहां डेढ़ घंटे भटकने और डॉक्टर्स के आगे गिड़गिड़ाने पर भी दूसरे भगवान का दिल नहीं पसीजा। हालत बिगड़ती देख इन लोगों ने दूसरे अस्पताल ले जाने का फैसला किया। अब महतारी एक्सप्रेस वालों ने वाहनों को खराब बताकर चलने से इंकार कर दिया। इसके बाद किसी ने धीरे से कहा कि हजार पंद्रह सौ रुपए दे दो तब जाएंगे। तब तक पीडि़ता के पति पूर्णेंदु छत्रे ने बाहर से निजी एम्बुलेंस बुलवा लिया था। उसके बाद पूनम छत्रे को हैरिटेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 48 घंटे में कोई सुधार नहीं हुआ। थक हारकर वे लोग उसको वी वाय अस्पताल ले गए जहां वो जिंदगी से जूझ रही है। उस पर भी डॉक्टर्स ने 6.50 लाख का खर्च बताया। पूर्णेंदु छत्रे की डबडबाई आंख कहा सर…कहां से लाऊं रुपए 6.50 लाख?
महिला के पति पूर्णेंदु का बयान :
दरअसल शनिवार 22 सितंबर की सुबह 8: 30 जिला अस्पताल में रायपुर के छत्तीसगढ़ नगर निवासी गर्भवती महिला पूनम छत्रे को भर्ती किया गया। जहां उसने ऑपरेशन के माध्यम से एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। इस दौरान लापरवाही के चलते उसके पेट से लेकर चेहरे तक सूजन आ गई। जिला अस्पताल के डॉक्टर्स ने जब उसकी हाल बिगड़ती देखी तो उसको अंबेकडकर अस्पताल रिफर कर दिया।
महिला के पति पूर्णेंदु छत्रे ने आरोप लगाया है कि आनन-फानन में शनिवार को पूनम को बेहोशी की हालत में ही 12 से 1 बजे के बीच अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान महिला का पूरा शरीर गुब्बारे की तरह फूल चुका था, जिसे अंबेडकर ले जाने के बाद मैं डॉक्टर्स के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा मगर किसी ने देखा तक नहीं। जिला और अंबेडकर अस्पताल की लापरवाही के चलते मेरी पत्नी 5 दिनों से कोमा में है। उसको वी.वाय प्राइवेट अस्पताल के आईसीयू में रखा गया है जहां केवल उसकी सांसें ही चल रही हैं। डॉक्टर्स इलाज में करीब 6. 50 लाख रुपए खर्च बता रहे हैं।

Back to top button