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Interview : एक-एक खेल को गोद लें : संजय मिश्रा

– Interview by Vikesh Kumar Ukey

रायपुर : भिलाई के अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी व कोच संजय मिश्रा भारतीय जूनियर बैडमिंटन टीम के चीफ कोच है. संजय जुलाई में इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता से अपनी भूमिका संभालेंगे। इससे पहले भी संजय अस्थाई तौर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय टीम के कोच की भूमिका निभा चुके हैं।

 

टीम इंडिया का कोच बनाए जाने पर आपको कितनी खुशी हुई?
मेरे लिए बहुत खुशी और गर्व का मौका है. सालों की मेहनत के बाद यदि आपको उसका सही परिणाम मिलता है तो बहुत अच्छा लगता है. लेकिन इसके साथ ही मेरी जिम्मेदारी भी बहुत बढ़ गई है. क्योंकि कोई पद लेना बहुत आसान होता है पर उस पर खरे उतरना मुश्किल होता है. अब मेरी जिम्मेदारी यह है कि मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है उस पर मैं खरा उतरू.

बैडमिंटन में छत्तीसगढ़ का क्या भविष्य देखते हैं ?
छत्तीसगढ़ का भविष्य बहुत उज्ज्वल है आज के समय में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं एक छोटा सा राज्य जहां मूलभूत सुविधाएं भी शायद पूरी नहीं है इंफ्रास्ट्रक्चर भी नहीं है फिर भी हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टॉप 4,6,8 में शामिल हैं यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात है. निकट भविष्य में और अच्छी प्रतिभाएं सामने आएंगी.

अपने खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार कितनी मददगार साबित हुई है ?
हर बात और हर चीज को हम सरकार पर डाल दे तो यह ठीक नहीं है. सरकार यह नहीं कर रही सरकार वह नहीं कर रही. खेल के अलावा भी सरकार के लिए बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो जरूरी है. जीवन से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराना सरकार का प्राथमिक उद्देश्य है. मेरा मानना है कि सरकार जो करेगी वो करेगी… लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य में इतने बड़े बड़े उद्योगपति हैं जिनके लिए 40-50 करोड़ रुपए कोई मायने नहीं रखता. ऐसे जो लोग हैं वो एक-एक खेल को गोद ले लें. माननीय मुख्यमंत्री जी ने योजना चलाई भी थी लेकिन उसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला. कुछ कंपनियों ने गोद लिया पर कुछ खास असर नहीं पड़ा. मुझे लगता है कि सीएसआर में जो कंपनी पैसा लगाती हैं. खेल एक ऐसा माध्यम हो सकता है जिसके द्वारा हम बहुत सारी चीजों को सुधारने में सफल हो सकते हैं. आज हमारे युवा गलत रास्ते पर जा रहे हैं. उनको खेल के माध्यम से सही रास्ते पर लाया जा सकता है इससे खेल ही नहीं समाज में भी काफी सुधार लाया जा सकता है. लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस पर अभी कोई सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं.

भविष्य में होने वाले टूर्नामेंट्स के बारे में कुछ बताइए ?
एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए पंचकूला में अभी जूनियर इंडिया टीम का कैंप लगा हुआ है. एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन 22 जुलाई से 30 जुलाई तक जकार्ता इंडोनेशिया में हो रहा है. इस टूर्नामेंट के लिए पूरे देश से 11 लड़के और 11 लड़कियां हैं मुझे मिलाकर 4 कोच हैं. कैंप के बाद 19 जुलाई को टीम इंडोनेशिया के लिए निकल जाएगी.

बैडमिंटन को आप खेल की दुनिया में किस जगह पाते हैं ?
बैडमिंटन बहुत प्रचलित हो रहा है अभी भी मुझे लगता है कि क्रिकेट के बाद शायद बैडमिंटन को आप दूसरे स्थान पर रख सकते हैं.

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