जाधव की पत्‍नी और मां से बदसलूकी पर अफगानिस्‍तान भड़का, कहा- इंसान की तरह बर्ताव होना चाहिए था

जाधव की मां और पत्‍नी के साथ अभद्र व्‍यवहार की भारत की संसद ने एकमत से निंदा की थी

जाधव की पत्‍नी और मां से बदसलूकी पर अफगानिस्‍तान भड़का, कहा- इंसान की तरह बर्ताव होना चाहिए था

इस्‍लामाबाद में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की मां और पत्‍नी के साथ हुई बदसलूकी पर अफगानिस्‍तान ने चिंता जताई है। घटना को ‘अमानवीय’ बताते हुए भारत में अफगानिस्‍तान के राजदूत शायदा मोहम्‍मद अब्‍दाली ने कहा, ”मानवों से मानव की तरह व्‍यवहार किया जाना चाहिए, उन्‍हें राजनीति का पीड़‍ित नहीं बनाया जाना चाहिए।” जाधव की मां और पत्‍नी के साथ अभद्र व्‍यवहार की भारत की संसद ने एकमत से निंदा की थी।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान पर जाधव के परिजनों के मानवधिकार का गंभीर व घोर उल्लंघन करने और जाधव से मुलाकात के दौरान भयभीत करने वाला माहौल तैयार करने का आरोप लगाया था। स्वराज ने साथ ही कहा था कि इस्लामाबाद इस मुलाकात का प्रयोग प्रोपेगेंडा के हथियार के तौर पर कर रहा है। सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान में जाधव से उनकी मां व पत्नी की मुलाकात के संबंध में संसद के दोनों सदनों में बयान दिया था। उन्होंने कहा था, “इस घटना की निंदा के लिए हमारे पास शब्द नहीं हैं।” विदेश मंत्री ने कहा, “पाकिस्तान ने सोमवार की मुलाकात को मानवीय पहल के रूप में पेश किया था लेकिन सच्चाई यह है कि मुलाकात के दौरान मानवता और संवेदना नदारद थे।”

सुषमा ने ने लोकसभा व राज्यसभा में कहा, “मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि यह पूरा सदन और इस सदन के जरिए पूरा देश पाकिस्तान के आपत्तिजनक व्यवहार की एक स्वर में कड़ी निंदा करेगा और जाधव परिवार के साथ एकजुटता दिखाएगा।” स्वराज के बयान के बाद राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जाधव के परिजनों के साथ जो व्यवहार किया गया, ‘वह 130 करोड़ भारतीयों का अपमान है।’

पाकिस्तान के समक्ष जताई गई चिंताओं पर सुषमा स्वराज ने कहा, “यह स्पष्ट समझौता था कि मीडिया को जाधव की मां एवं पत्नी तक जाने नहीं दिया जाएगा। इसके बावजूद, न केवल पाकिस्तानी मीडिया को उनके करीब जाने दिया गया बल्कि मीडिया के लोगों ने उनसे आपत्तिजनक भाषा का भी प्रयोग किया। पाकिस्तानी मीडिया ने जाधव के बारे में झूठे आरोप लगाए।” उन्होंने कहा कि यहां तक कि सुरक्षा कारणों के नाम पर जाधव के परिजनों की पोशाक भी बदलवाईं गईं।

सुषमा स्वराज ने कहा, “जाधव की मां,जो केवल साड़ी पहनती हैं, उन्हें सलवार और कुर्ता पहनने को दिया गया। दोनों महिलाओं की बिंदी, चूड़ियां और मंगलसूत्र तक उतरवाए गए। विदेश मंत्री ने कहा, “मां अपने बेटे से अपनी मातृभाषा मराठी में बात करना चाहती थी, जोकि मां एवं बेटे के बीच संचार का सहज माध्यम है। इसके बावजूद उन्हें मराठी में बात करने से रोका गया।” उन्होंने कहा, “ऐसा करने पर, वहां मौजूद दो पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें बार-बार रोका। जब मां ने आग्रह किया तो इंटरकॉम बंद कर दिया गया और उन्हें मराठी में आगे की बातचीत करने से रोक दिया गया।”

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