अंतर्राष्ट्रीय

अफगानिस्तान का ‘मेसी’ घर छोड़ भागने को मजबूर, तालिबान हमले को बताया कारण

काबुल : अर्जेटीना के स्टार फुटबालर लियोन मेसी की तरह जर्सी पहनकर लोकप्रिय हुआ अफगानिस्तान का मुर्तजा अहमदी बेघर हो गया है। गांव पर हुए तालिबान के हमले के बाद उसके परिवार को भागकर काबुल में शरण लेनी पड़ी है। सात साल के इस बच्चे को दो साल पहले प्रसिद्धि तब मिली थी जब उसने अपने भाई द्वारा नीले और सफेद प्लास्टिक बैग से बनी 10 नंबर की जर्सी पहनी थी।

अहमदी को मिली अचानक प्रसिद्धि के बाद उसकी मुलाकात अपने हीरो मेसी से हुई। यह मुलाकात उसके परिवार के लिए मुसीबत बनी। काबुल में शरण लिए मुर्तजा की मां शफीका ने कहा, ‘मुर्तजा के पूरे विश्व में प्रसिद्ध होने के बाद हमारा बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मुर्तजा और मेरे अन्य बच्चे स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं। रात के समय संदिग्ध लोग मेरे घर के पास दिखे थे, जिसके बाद तालिबान का गांव पर हमला हुआ। इसी के बाद हमने गांव छोड़ने का फैसला लिया।’

मुर्तजा ने कहा, ‘गांव में हालात ठीक नहीं थे। हमें बाहर निकलने में भी डर लगता था। मैं मेसी की तरह फुटबालर बनना चाहता हूं और स्कूल जाना चाहता हूं।’ हजारा अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखने वाला सात साल का यह बच्चा राजधानी काबुल के दक्षिण से लगभग दो घंटे की दूरी पर स्थित गजनी प्रांत के जगहोरी जिले जिले में रहता था। पहले इस क्षेत्र को तालिबानी आतंकियों से सुरक्षित माना जाता था, लेकिन नवंबर में तालिबान ने यहां आक्रमण किया, जिससे दो-तिहाई लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा।