छत्तीसगढ़

अजीत जोगी के निधन के बाद उपचुनाव के लिए गतिविधियां तेज

राजनीतिक दलों ने शुरू कर दिया अपना प्रचार-प्रसार

पेण्ड्रा: गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डोमन सिंह ने विधान सभा उपनिर्वाचन के दौरान मरवाही विधानसभा क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से सम्पन्न कराने 23 सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है. 90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस के 69 विधायक हैं, वहीं भाजपा के 14 विधायक हैं. ज

नता कांग्रेस के 5 विधायक और साथ में मिलकर चुनाव लड़ने वाली पार्टी बसपा के दो विधायक हैं. अजीत जोगी के निधन के साथ जनता कांग्रेस की सदस्य संख्या घटकर 4 हो गई है. वहीँ मरवाही उपचुनाव को लेकर प्पर्तियों में काफी तत्परता दिखाई दे रही है. भाजपा और कांग्रेस की सक्रियता जमीन पर नजर आने लगी है.

वर्ष 2018 में बीजेपी की प्रत्याशी रहीं अर्चना पोर्ते ने कोरोना को हथियार बनाकर गांव-गांव मास्क और सैनिटाइजर मरवाही विधानसभा के गांव में ग्रामीणों को वितरित करने के साथ जनसंपर्क में जुट गई हैं. ग्रामीणों को वितरित किए जा रहे सैनिटाइजर में अर्चना पोर्ते की फोटो लगी हुई है, इसके साथ बैनर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

हालांकि, बीजेपी नेता अर्चना पोर्ते का इसके पीछे अपना तर्क है कि वह मरवाही विधानसभा के लोगों को जागरूक करने के लिए मुहिम चला रही हैं, जिससे ग्रामीण अंचल की महिलाएं मास्क लगाने के साथ ही साथ सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करें. इसमें उन्होंने किसी तरह की राजनीति से इंकार किया.

भाजपा के जनसंपर्क अभियान पर कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि पूर्व प्रत्याशी कोरोना काल में भी राजनीति कर रही है. कांग्रेस नेताओं ने अर्चना पोर्ते पर उज्जवला योजना के तहत मरवाही विधानसभा के लगभग 1000 ग्रामीणों को ठगने का आरोप लगाते हुए कहा कि निर्वाचित विधायक के निधन के तुरंत बाद ग्रामीणों के बीच जाने को सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट है.

राजनीतिक मौहाल को लेकर लोगों में उत्सुकता बरकरार

भाजपा और कांग्रेस की सक्रियता भले ही शुरू हो गई हो, लेकिन अभी तक जनता कांग्रेस को लेकर असमंजसता बनी हुई है. पार्टी किसे अपना प्रत्याशी बनाएगी, इसको लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं. अभी से राजनीतिक घमासान के बीच जनता कांग्रेस के पत्ता खोलने के बाद के राजनीतिक मौहाल को लेकर लोगों में उत्सुकता बरकरार है.

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