छत्तीसगढ़

आखिर कब तक प्रशासन बचाते रहेगी भ्रष्टाचार में लिप्त इंजीनियर को

हिमांशु सिंह ठाकुर, ब्यूरो रिपोर्ट कवर्धा

कवर्धा: कवर्धा जिले का एक मात्र ऐसा विकासखंड जहां भाजपा के शासनकाल में ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा उपसंभाग पंडरिया में पदस्थ इंजीनियर के पद पर जिन्हें खुला भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दी गई हो वो क्यों न करें भ्रष्टाचार।

विगत पूर्व भाजपा के शासन काल मे इंजीनियर अमृत लाल उरैहा के द्वारा ग्राम बुचिपारा के आश्रित ग्राम दलपी में वर्ष 2012 व 2013 में बनाये गए। बाजार सेड निर्माण कार्य मे जम कर भ्रष्टाचार किया गया। जिसकी अनुमानित लागत राशि 5.00 लाख रुपये थी। जिसे पूर्व में ग्रामीण द्वारा किये गए।

शिकायत पर अखबार में प्रकाशित कर बिना ही बीम डालें। बाजार सेड का निर्माण कार्य कराया गया था। जिसकी सूचना पाकर पंडरिया के स्थानीय पत्रकार के द्वारा प्रकाशन किया गया था। परंतु भ्रस्टाचार में लिप्त इंजीनियर पर उच्च अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई।

बल्कि उन्हें बिना ही बीम के निर्माण हुए बाजार सेड को तोड़कर बीम डाल डालने की अनुमति देकर निर्देश जारी कर दिया गया जो कि एक ओर बने बाजार सेड निर्माण कार्य आज दिनांक तक अधूरी है जिसे इंजीनियर द्वारा अब तक निर्माण कार्य नही कराया गया जो अधूरी है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भ्रष्टाचार में लिप्त ऐसे इंजीनियर पर तत्काल त्वरित कार्यवाही की जाए व अधूरे निर्माण कार्य को पूर्ण कराया जाए ताकि ग्रामीणों को परेशानियों का सामना न करना पड़े वही पंडरिया विधानसभा युवक कांग्रेस के अध्यक्ष ने 2 बार कलेक्टर व जिला पंचायत के अधिकारी को शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है परंतु विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा अब तक कोई कार्यवाही नही की गई इससे यह साबित होता है कि कही न कही उच्च अधिकारियों द्वारा इंजीनियर को बचाने का पूरा जोर प्रयास किया जा रहा है।

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