छत्तीसगढ़

भाजपा की करारी हार का जिम्मेदार आखिर कौन?

भरत मंगवानी:

बिलासपुर: बिलासपुर में विधानसभा चुनाव के बाद अब निगम चुनाव में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। अमर अग्रवाल के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया था तो जिम्मेदारी भी उनकी की ही बनती है।

कही ना कहीं गलत टिकट वितरण का नतीजा ही है कि जो बिलासपुर शहर भाजपा का गढ़ माना जाता था वहां से विधानसभा के बाद निगम चुनाव में भी कांग्रेस ने जीत दर्ज की। रेलवे क्षेत्र की सीट में भाजपा हमेशा से जीतते आ रही थी जो इस बार दोनों में कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।

वी रामाराव को नजरअंदाज करना भाजपा को रेलवे क्षेत्र में भारी पड़ गया। अब भाजपा के वनवास की शुरुवात हो चुकी है कम से कम 4 वर्ष तो सिर्फ विरोध के अलावा कुछ नही कर सकती। जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओ को नजर अंदाज करके मनमाफिक टिकट बांटने का नतीजा खुद भाजपा के सामने है।

सवाल यह उठता है कि आखिर इस हार का असली जिम्मेदार कौन है। जिसके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाता है जिम्मेदारी उसी व्यक्ति की मानी जायेगी या ये हार सामूहिक हार होगी। अब 5 सालों तक चिंतन मनन करना होगा कि कहा गलती हो गयी।

वार्ड 42 से भाजपा के बागी उम्मीदवार लक्ष्मी यादव को टिकट नही देना और उनका बागी होकर चुनाव लड़ना और भारी मतों से जीतना भी भाजपा के टिकट वितरण को गलत साबित करता है।

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