मां बनने के बाद महिलाएं सिंपल ब्यूटी रूटीन को करती हैं फॉलो

'ब्यूटी सर्वेक्षण' में खुलासा 67 प्रतिशत महिलाओं का कहना उनका सौंदर्य को लेकर विचार बदले

मां बनने के बाद अधिकतर महिलाओं की अपनी खूबसूरती को लेकर सोच बदल जाती हैं। सारा समय बच्चे को देने के बाद महिलाओं को अपनी और ध्यान देने का समय नहीं मिलता या यूँ कहें कि महिलाएं धीरे-धीरे मेकअप और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स से वह दूरी बना लेती हैं। उनका मानना हैं कि अब उनकी सुंदरता खास मायने नहीं रखती हैं।

एक ‘ब्यूटी सर्वेक्षण’ में खुलासा हुआ कि लगभग 67 प्रतिशत माताओं का कहना हैं कि मां बनने के बाद उनका सौंदर्य को लेकर विचार काफी बदल चुका हैं। अधिकांश भारतीय महिलाएं सिंपल ब्यूटी रूटीन को फॉलो करती हैं जैसे सिर्फ फेस-वॉश या मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करती हैं।

मॉमस्प्रेसो में किया गया ‘ब्यूटी सर्वे’

महिलाओं से जुड़े यूजर जेनरेटेड कंटेंट प्लेटफार्म मॉमस्प्रेसो ने एक अध्ययन ‘ब्यूटी सर्वे’ जारी किया हैं। यह सर्वे मॉमस्प्रेसो के ‘मॉम्स हैप्पीनेस इंडेक्स’ के नतीजों पर आधारित हैं।

खूबसूरती को लेकर महिलाओं की सोच

‘ब्यूटी सर्वे’ में 25 से 45 वर्ष तक की माताओं को शामिल किया गया। 3 में से 2 माताएं सहमत हैं कि मां बनने के बाद उनका सौंदर्य को लेकर विचार बदल गया हैं। 50 प्रतिशत माताओं ने महसूस किया कि सुंदरता पैदाइशी होती हैं और वह इसको बढ़ाने के लिए कुछ नहीं कर सकती। वहीं, 70 प्रतिशत महिलाओं की सोच हैं। कि सही ब्यूटी प्रॉडक्ट्स इस्तेमाल करके कोई भी महिला खूबसूरत व आकर्षक दिख सकती हैं।

कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट्स के बजाएं घरेलू उपचार

सर्वेक्षण के नतीजों से पता चला हैं कि कुल मिलाकर 90 प्रतिशत माताएं बहुत सारे कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट्स यूज करने से बचती हैं क्योंकि उनका मानना हैं कि इससे खूबसूरती को नुकसान पहुंचता हैं। इसलिए 4 में से 3 महिलाएं उनके कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट्स के बजाएं घरेलू उपचार करना पसंद करती हैं।

ब्यूटी एप्स की वजह से नहीं होती चिंता

वहीं, 70 प्रतिशत माताओं का कहना हैं कि उन्हें युवा या सुंदर दिखने की कोई जरूरत महसूस नहीं होती। दरअसल, इनमें से आठ प्रतिशत महिलाओं ने बताया कि उनके पास स्मार्टफोन पर अपनी तस्वीरों की सुंदरता बढ़ाने के लिए ऐप्स मौजूद हैं। वहीं उनमें से आठ प्रतिशत महिलाएं कॉस्मेटिक सर्जरी कराने की इच्छुक हैं। फिर रोज-रोज मेकअप करने की कोई चिंता ही नहीं रहेगी।

मेकअप को लेकर महिलाओं की सोच

सर्वे में खुलासा हुआ कि पांच प्रतिशत माताएं रोज मेकअप करती हैं। 68 प्रतिशत रोज मेकअप करना नहीं चाहती। वह ऑनलाइन ट्यूटोरियल, ब्लॉग्स और प्रोडक्ट रिव्यू आदि पर भरोसा करती हैं। वहीं, 20 प्रतिशत माताएं हर महीने फेशियल, पील्स, लेजर जैसे ब्यूटी ट्रीटमेंट करवाती हैं।

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