चैंपियन बनने के बाद विदर्भ का फैसला, ईनाम की राशि शहीदों के परिजनों को

पहली पारी की 95 रनों की बढ़त के आधार पर ट्रॉफी पर अधिकार बनाए रखा।

रणजी चैंपियन विदर्भ ने भारत के घरेलू क्रिकेट में अपना दबदबा बनाए रखते हुए ईरानी कप पर कब्जा बरकरार रखा।

विदर्भ ने शेष भारत के खिलाफ ड्रॉ रहे मैच में पहली पारी की 95 रनों की बढ़त के आधार पर ट्रॉफी पर अधिकार बनाए रखा।

मुंबई और कर्नाटक के बाद विदर्भ तीसरी ऐसी टीम बन गई है, जिसने एक ही सत्र में रणजी ट्रॉफी और ईरानी कप पर कब्जा बरकरार रखा।

विदर्भ यह कमाल करने वाली 60 साल में तीसरी टीम बन गई। पहली पारी में शतक लगाकर टीम को बढ़त दिलाने वाले अक्षय कर्णीवार मैन ऑफ द मैच रहे।

चैंपियन बनने के बाद विदर्भ के कप्तान फैज फजल ने पूरी पुरस्कार राशि पुलवामा आतंकवादी हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के परिवारों को प्रदान करने की घोषणा की।

वीसीए स्टेडियम में शेष भारत के पहली पारी में 303 रन के जवाब में विदर्भ की पहली पारी 425 रन पर सिमटी।

95 रन से पिछड़ी शेष भारत टीम ने दूसरी पारी 3 विकेट पर 373 रन बनाकर घोषित की।

इस तरह मेजबान टीम को 280 रन का लक्ष्य मिला। जिसका पीछा करते हुए उसने पांचवें व अंतिम दिन 5 विकेट पर 269 रन बना लिए थे तब दोनों टीमें ड्रॉ पर सहमत हो गई।

सतीश गणेश (87), अथर्व तायड़े (72), संजय रामास्वामी (42) और मोहित काले (37) ने उपयोगी पारियां खेलीं। अथर्व व संजय ने दूसरे विकेट के लिए 115 रन जोड़े। राहुल चाहर को 2 विकेट मिले।

‘ हमने एक टीम के तौर पर पूरी पुरस्कार राशि पुलवामा के शहीदों के परिवारों को दान करने का फैसला किया है। यह हमारी टीम की तरफ से छोटी-सी पहल है।

 

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