छत्तीसगढ़

भूपेश ने मुख्यमंत्री बनने के बाद राजिम क्षेत्र की जनता के साथ किया वादाखिलाफी!

जनता जनार्दन ने कहा कि अमितेष को विधायक बने रहने के लिए वोट नहीं दिए थे

हितेश दीक्षित

छुरा।

गरियाबंद जिले के राजिम विधानसभा एवं महासमुद लोकसभा क्षेत्र हिन्दुस्तान के राजनीतिक परिदृश्य में शुक्ल बंधुओं के नाम से जाना जाता है। राजिम विधानसभा का चुनाव जीतने वाले पंडित श्याचरण शुक्ल मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष जैसे पदों पर आसीन होते थे वहीं विद्याचरण शुक्ल केन्द्रीय मंत्री पद पर रहकर भारतीय राजनीति के केन्द्र बिन्दु थे।

एक समय ऐसा था कि विधायक की टिकट से लेकर मंत्री पद बांटने की जिम्मेदारी होती थी आज शुक्ल बंधु के अकेले राजनीतिक वारिस अमितेष शुक्ला को मंत्री पद से किनारा कर दिया गया है यह एक सोचनीय बात है। राजिम क्षेत्र की जनता ने एक तरफा वोट देकर अमितेष शुक्ला को चुनावी जंग तो जिता दिया लेकिन अमितेष मंत्री पद नहीं पा कर दूसरी जंग हार गये।

श्यामा चरण और विद्या चरण शुक्ल की त्याग तपस्या बलिदान को कांग्रेस के आलाकमान भूल गए। राजिम विधानसभा की जनता के साथ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने अमितेष शुक्ला को मंत्री पद नहीं दिये जाने से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी से काफी नाराज हैं।

पार्टी अनुशासन के चलते कार्यकर्ताओं ने दबी जुबान से चौक चौराहे चाय पान की दुकान पर कहते नजर आ रहे हैं कि कांग्रेस को प्रदेश में एकतरफा बहुत जो मिला है वह धान की समर्थन मूल्य कर्जमाफी के साथ साथ टी एस सिंहदेव को मुख्यमंत्री पद पर देखने के लिए लेकिन टी एस सिंहदेव के मुख्यमंत्री नहीं बनने के साथ अमितेष शुक्ला को मंत्री नहीं बनाये जाने से कांग्रेसियों में हताशा और निराशा दिख रहा है।

राजिम सहित महासमुद लोकसभा क्षेत्र से एक भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया जाना कांग्रेस के लिए नुकसानदेह हो सकता है। पार्टी कार्यकर्ताओं में आज उत्साह नहीं है पन्द्रह साल बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद राजिम क्षेत्र के गांवो के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि आज भी प्रदेश में भाजपा की सरकार हैं । पहली बार ऐसा हुआ कि कांग्रेस की सरकार है और राजिम विधानसभा को प्रदेश में जिम्मेदारी नहीं मिला हो।

भूपेश बघेल ने राजिम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि अमितेष को मंत्री बनाने के लिए जितना है।मुख्यमंत्री बनते ही भूपेश का कार्यकर्ताओं को किये गये वादे पर आखिर ग्रहण क्यो लग गया। सतनामी समाज के धर्म गुरु बालक दास ने चुनावी सभा कौंदकेरा के सभा में अमितेष शुक्ला को मंत्री बनने की घोषणा किया था ? बालक दास की घोषणा के चलते कौंदकेरा में पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी की घोषणा बेअसर शाबित हुआ। सतनामी समाज का वोट जोगी का माना जाता था लेकिन इस बार जोगी का जादू नहीं चला।

अमितेष शुक्ला राजिम विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कर लिया लेकिन मंत्री पद पाने के लिए पिछड गया इससे कांग्रेस को भविष्य में नुकसानदेह हो सकता है।

कांग्रेसी नेता चेतन दास जांगड़े, रोहन दास टंण्डन, भूषण राम ध्रुव, मनोज सिंह ठाकुर, सीताराम नेताम, राजकुमार यादव, इंदरमन साहू, भीखम सिन्हा, कुलेश्वर निर्मलकर, गुरुदास कुकरेजा, रोहित वर्मा, उमेश बघेल, नवल शर्मा ने राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एवं सोनिया गांधी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ सरकार गठन पर क्षेत्र की अनदेखी किये जाने के साथ ही लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत पर गुटीय राजनीतिक के चलते ग्रहण लगने की बात से अवगत कराया है।

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