ब्रिटेन के बाद अब यूरोप दौरे पर जाएंगे सेना प्रमुख

जनरल नरवणे का ब्रिटिश सेना ने मंगलवार सुबह हॉर्स गार्ड्स परेड स्क्वायर पर गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया।

दिल्ली: सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे 5 जुलाई को यूनाइटेड किंगडम की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे और ब्रिटेन के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल सर कार्टर से मुलाकात की। लंदन में भारतीय उच्चायोग ने बताया कि जनरल नरवणे ने सीडीएस कार्टर के साथ बातचीत की और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया। जनरल नरवणे का ब्रिटिश सेना ने मंगलवार सुबह हॉर्स गार्ड्स परेड स्क्वायर पर गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया। इसके बाद जनरल नरवणे अपने यूरोप दौरे के दूसरे चरण में 7-8 जुलाई को इटली जायेंगे।

सेना प्रमुख यूके के सीडीएस से भी करेंगे मुलाकात

भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में कहा कि जनरल नरवणे 5 जुलाई को यूनाइटेड किंगडम की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे। अपने यूरोपीय दौरे के यूके चरण के दौरान जनरल नरवणे यूके के रक्षा राज्य सचिव बेन वालेस और चीफ ऑफ जनरल स्टाफ जनरल सर मार्क कार्लेटन-स्मिथ से भी मिलेंगे। जनरल एमएम नरवणे ने ब्रिटेन के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल सर कार्टर के साथ बातचीत की और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

यूरोप दौरे पर जाएंगे इटली

वहीं अपने यूरोप दौरे के दूसरे चरण में जनरल नरवणे 7-8 जुलाई को इतालवी सेना के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और चीफ ऑफ स्टाफ के साथ महत्वपूर्ण चर्चा करेंगे। इसके अलावा थल सेनाध्यक्ष जनरल नरवणे इटली के प्रसिद्ध शहर कैसिनो में भारतीय सेना स्मारक का उद्घाटन करेंगे। उन्हें रोम के सेचिंगोला में इतालवी सेना के काउंटर आईईडी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बारे में जानकारी दी जायेगी। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मोंटे कैसिनो की लड़ाई में 5,000 से अधिक भारतीय सैनिकों ने इटली को फासीवादी ताकतों से बचाने के लिए लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। सितम्बर, 1943 और अप्रैल, 1945 के बीच लगभग 50 हजार भारतीयों को इटली की मुक्ति के लिए सूचीबद्ध किया गया था। इन्हीं भारतीय सैनिकों की याद में भारतीय सेना स्मारक बनाया गया है।

सेना अध्यक्ष का दौरा सैन्य कूटनीति का हिस्सा

थल सेनाध्यक्ष की ये यात्राएं सैन्य कूटनीति का हिस्सा हैं जो महत्वपूर्ण भागीदार देशों तक भारत की पहुंच में एक सतत प्रक्रिया को चिह्नित करती हैं और वैश्विक समुदाय में भारत के बढ़ते महत्व का संकेत देती हैं। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच 2004 से एक रणनीतिक साझेदारी है। इसी तरह भारत और इटली लोकतंत्र, मानवाधिकारों और संप्रभुता के लिए आपसी सम्मान के आधार पर मजबूत बंधन बनाए रखते हैं। इतालवी रक्षा फर्मों ने भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल में सक्रिय रूप से भाग लेने में गहरी रुचि व्यक्त की है। इटली ने यूरोपीय संघ की इंडो-पैसिफिक इनिशिएटिव में भारत के लिए एक केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया है।

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