उसलापुर रेलवे स्टेशन से उतरने के बाद बाहर निकलते ही तनाव में आ जाते हैं यात्री

अमन जाटवर

बिलासपुर।

उसलापुर रेलवे स्टेशन से उतरने के बाद बाहर निकलते ही तनाव में आ जाते हैं यात्री वजह कुछ और नहीं बल्कि अव्यवस्थित यातायात और जर्जर सड़क है। यात्रियों की परेशानी रेलवे स्टेशन को दूर करनी है लेकिन वह अनदेखी कर रही है इसके चलते यात्री स्टेशन से सफर करने से कट आते हैं।

जोनल स्टेशन में ट्रैफिक कम करने के लिए रेलवे धीरे धीरे ट्रेनों को डायवर्ट कर रही है चार् ट्रेने तो सितंबर से दाधापारा बाईपास लाइन से परिवर्तित होकर उसलापुर पहुंच रही है ट्रेनों की संख्या तो बढ़ रही है लेकिन यह स्टेशन आप भी असुविधा के मामले में जा पहुंचा है।

इसके चलते यात्रियों को स्टेशन के अंदर हुआ बहार दोनों जगह केवल समस्या का सामना करना पढ़ रहा है ट्रेन की परिवर्तित हुए 3 महीने होने जान रहा है लेकिन आज तक प्लेटफार्म दो पर टॉयलेट बना और ना पानी भरने के लिए हाइड्रेन पाइप बिछाई गई है इसके साथ एक समस्या कोच डिस्प्ले बोर्ड को लेकर है।

इसके चलते इंतजार खुले समान के नीचे ही करना पढ़ रहा है परेशानी स्टेशन के अंदर तक नहीं रहती बाहर निकलने के समय दो बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है स्टेशन से बाहर वर्किंग अव्यवस्थित है यही वजह है कि चालक दो पहिया से लेकर 4 पहिया वाहन को जहां चाहे मन मर्जी वहां खड़ी कर देते हैं।

गाड़ी कि बेतरतीब ढंग से खड़ी न होने के कारण जाम लग जाता है नो पार्किंग की व्यवस्था संभालने का जिम्मा आरपीएफ का है लेकिन चाहे जो हो आरपीएफ का एक जवान तक व्यवस्था संभालने के लिए नहीं आता जैसे तैसे यातायात व्यवस्था ठीक होती है उसके बाद मेन रोड तक पहुंचने के बाद यात्रियों मशक्कत करनी पड़ती है फाटक से रेलवे स्टेशन तक सड़क पूरी करो जर्जर हो चुकी होती है सीधे तौर पर कहे तो यहां सड़क कम बर्थडे ज्यादा नजर आते हैं हर कदम गड्ढे से यात्री परेशान हो जाते हैं गाड़ियों से ही धूल उड़ती है इसका खामियाजा दोपहिया व पैदल चलने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ता है।

इससे उनके व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है इसके बावजूद रेलवे सड़क की मरम्मत करने के लिए गंभीर नहीं है नहीं किसी को मरम्मत का अधिकार रेलवे स्टेशन की जमीन पर कोई गड्ढा खोद नहीं सकता ऐसा करना उस पर भारी पड़ सकता है कई बार कार्यवाही भी हो चुकी है यह वजह है कि नगर निगम पंचायत या पीडब्ल्यू के स्वीकृत कार्यों में रेलवे क्षेत्र शामिल नहीं कर सकता है इसके चलते भी कहीं ना कहीं विकास कार्य प्रभावित होता है उसलापुर की जर्जर सड़क का एक बड़ा कारण भी है।

उसलापुर रेलवे स्टेशन को सेकंड टर्मिनल बनाने की योजना है इसके तहत यहां ढेरों कार्य होनी है इसमे सोेेैदरयीकरण से लेकर नई सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल है इसके साथ ही पार्किंग को भी हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट कराना पड़ता है लेकिन इनमें से कोई भी काम नहीं हो रहा रेलवे स्टेशन के ठीक सामने पार्किंग के कारण भी जाम लगने की समस्या हो रही है

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