किसानों से फार्म भरवाने के बाद हड़पी रकम, खरीदे 6 फोर व्हीलर और खोली राइस मिल

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बिलासपुर। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए आधा दर्जन किसानों को कब ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर एजेंट ने बैंक में जमीन गिरवी रखवा दी। किसानों से ब्लैंक चेक में हस्ताक्षर कराए और लोन सैग्शन होने के बाद रकम खाते से निकाल ली।

रकम से आधा दर्जन चार पहिया वाहन खरीदे और राइसमिल खोली। फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी को 2 साल के बाद शुक्रवार को तिल्दा से गिरफ्तार किया।

क्राइम ब्रांच प्रभारी डीएसपी पीसी राय के अनुसार हिर्री थानांतर्गत ग्राम धौराभाठा निवासी हीरालाल साहू पिता जगदीश साहू (36) एक्सिस बैंक आरके नगर में एजेंट था।
सन 2013 में उसने ग्राम बिरकोनी में रहने वाले 4 और मुंगेली जिले के पथरिया थानांतर्गत ग्राम उमरिया में रहने वाले दो किसानों को एक्सिस बैंक से किसान क्रेडिट योजना के तहत कम ब्याज पर लोन मिलने की जानकारी दी थी।

उसने किसानों को जमीन बैंक में गिरवी रखने पर जल्द लोन मिलने की बात कही थी। उसकी बातों में आकर किसानों ने फार्म जमा किया था। साथ ही उसने किसानों से ब्लैंक चेक में हस्ताक्षर भी करा लिए थे।

लोन की रकम किसानों को नहीं मिली थी। करीब 3 साल के बाद किसानों को एक्सिस बैंक से लोन की किश्त नहीं पटाने का नोटिस पहुंचा था। किसानों ने बैंक में पता किया तो उन्हें फर्जीवाड़े का पता चला था। किसानों ने परिवाद कोर्ट में दायर किया था।

कोर्ट ने आरोपी हीरालाल के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज करने का आदेश दिया था। पुलिस ने 14 जुलाई 2016 को आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया था।
फरारी में की आधा दर्जन शहरों की सैर, रकम खत्म हुई तो करने लगा मजदूरीः एफआईआर के बाद लगातार दो साल तक आरोपी हीरालाल साहू मुंबई समेत देश के आधा दर्जन शहरों में सैर करता रहा।

करीब दो महीने पूर्व लोन की बची रकम खत्म होने पर वह तिल्दा में किराये के मकान में रहने लगा था। यहां आरोपी ने मजदूरी कर दो वक्त की रोटी और रहने के लिए कमाई करता रहा। मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच ने आरोपी को तिल्दा से गिरफ्तार किया।

उसके कब्जे से बैंक पासबुक एटीएम कार्ड जब्त किया है। किराना दुकान चलाता था आरोपी, अचानक बन गया गया लखपति: आरोपी ग्राम धौराभाठा में किराना दुकान चलाता था। उसने किसानों के खातों से लोन की रकम ब्लैंक चेक के जरिए निकाल ली थी।

रकम से उसने आधा दर्जन चार पहिया वाहन फायनेंस में खरीदे थे। वाहनों का वह व्यवसायिक उपयोग कर रहा था। साथ ही गांव में राइस मिल खोलकर लखपति बना बैठा था। फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने पर किसानों ने उससे लोन की रकम वापस करने कहा तो उसने रकम देने से इनकार कर दिया था।

कोर्ट के आदेश पर अपराध दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया था। इसी बीच वाहनों की किश्त जमा नहीं होने पर फायनेंस कंपनियां वाहनों को सीज कर ले गई थीं। वहीं राइस मिल भी बंद हो गया था।

इन किसानों के खातों से निकाली रकम:

मनमोहन पिता मंगलू रात्रे (55) ग्राम बिरकोनी के खाते से 6 लाख 90 हजार रुपए।

शिवकुमार गहवई पिता तिलकराम (42) ग्राम बिरकोनी के खाते से 9 लाख 30 हजार रुपए।

पवन कुमार कुर्मी पिता बिहारीलाल (40) ग्राम बिरकोनी के खाते से 9 लाख 40 हजार रुपए ।

राजेन्द्र गहवई पिता बिहारीलाल (45) ग्राम बिरकोनी के खाते से 9 लाख 40 हजार रुपए ।

नामदास पिता अमृतदास (40) ग्राम उमरिया जिला मुंगेली के खाते से 7 लाख 90 हजार रुपए ।

मुकेश नोरगे पिता हेमचंद (36) ग्राम उमरिया जिला मुंगेली के खाते से 3 लाख 50 हजार रुपए ।

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