दोस्त की हत्या कर ATM से निकालता रहा पैसा, CCTV से पकड़ाया

फेज टू पुलिस ने गुरुवार शाम धर्मेंद्र मर्डर केस के आरोपी मुकेश को एनएसईजेड तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने धर्मेंद्र के अकाउंट में रखे 5.26 लाख रुपये हड़पने के लिए उसकी हत्या कर दी और उसके डेबिट कार्ड पर कब्जा कर लिया। आरोपी धर्मेंद्र के अकाउंट से धीरे-धीरे कर रुपये निकाल रहा था। पुलिस ने एटीएम के सीसीटीवी फुटेज से केस का खुलासा करते हुए आरोपी को दबोच लिया है।

पुलिस के मुताबिक, फर्रुखाबाद निवासी धर्मेंद्र (35) नोएडा के नयागांव में किराए का कमरा लेकर रहता था। वह सेक्टर-2 की एक कंपनी में कॉन्ट्रैक्टर था। वह तीन दिन से घरवालों की कॉल रिसीव नहीं कर रहा था। इस कारण दिल्ली में रहने वाले उसके जीजा राज किशोर 23 मई को उसके कमरे पर पहुंचे। दरवाजे पर ताला लटका हुआ था, जबकि अंदर से बदबू आ रही थी। मौके पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हुई, तो अंदर धर्मेंद्र की लाश पड़ी मिली। उसके सिर पर किसी भारी चीज से हमला करके हत्या कर दी गई थी।

एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि धर्मेंद्र की हत्या के बाद भी उसके अकाउंट से डेबिट कार्ड के जरिये रुपये निकाले जा रहे थे। 24 मई से लेकर 5 जून तक अलग-अलग एटीएम बूथ से 12 ट्रांजैक्शन कर कुल 2 लाख 75 हजार रुपये निकाले गए। पुलिस ने ट्रांजैक्शन वाले एटीएम बूथ की सीसीटीवी फुटेज जुटाई। 24 मई को हुए पहले ट्रांजैक्शन में जो शख्स दिखाई दिया, वह फेज टू नयागांव में रहने वाला मुकेश था। मुकेश धर्मेंद्र के पड़ोस वाले कमरे में रहता था। मुकेश इटावा का रहने वाला है और एनएसईजेड में कॉल सेंटर इग्जेक्युटिव के रूप में काम कर रहा था। मुकेश पर पुलिस का शक तब और गहरा गया, जब डेबिट कार्ड से इटावा में भी तीन बार रुपये निकाले गए।

मुकेश 20 मई को धर्मेंद्र के कमरे पर पहुंचा, तो उसने अपने उधार दिए दो हजार रुपये मांगे। मुकेश ने रुपये लौटाने में असमर्थता जता दी। इस पर दोनों में झगड़ा हुआ। इसी दौरान मुकेश ने वहां पड़ी ईंट से धर्मेंद्र के सिर पर हमला कर दिया और उसका सिर कूंचकर हत्या कर दी। इसके बाद उसका डेबिट कार्ड निकालकर कमरे पर बाहर से ताला लगा दिया। आरोपी वारदात के बाद फरार नहीं हुआ और अपने कमरे पर ही रहा।

धर्मेंद्र के जीजा ने जब 23 मई को अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया तो मुकेश बेफिक्र हो गया और उसने अकाउंट से रुपये निकालने शुरू कर दिए। पुलिस का कहना है कि मुकेश इटावा में अपना मकान बना रहा है, जिसके लिए उसे पैसे की जरूरत थी। एटीएम से निकाली गई रकम में से पुलिस ने 2 लाख 4 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। हत्या में इस्तेमाल ईंट मकान के पीछे से मिल गई है।

एसपी सिटी के अनुसार, पूछताछ में आरोपी मुकेश ने बताया कि उसकी अपने ही मकान में रहने वाले धर्मेंद्र से दोस्ती हो गई थी। उसे दो हजार रुपयों की जरूरत थी, तो उसने धर्मेंद्र से मदद मांगी। धर्मेंद्र को खुद के लिए भी रुपये निकालने थे, इसलिए बीती 2 मई को वह मुकेश के साथ एटीएम गया था। एनएसईजेड में एक एटीएम से धर्मेंद्र ने चार हजार रुपये निकाले। उस समय उसके साथ मुकेश भी खड़ा था। उसने डेबिट कार्ड का पिन और अकाउंट में 5 लाख 26 हजार रुपये बैलेंस भी देख लिया। तभी से उसके मन में डेबिट कार्ड हड़प कर धर्मेंद्र के अकाउंट में जमा पैसे निकालने का लालच आ गया था। हालांकि उसे सही मौका नहीं मिल रहा था। इसके बाद से ही वह पैसे लेने की ताक में लगा रहा।

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