जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को मारने के बाद परिजनों को नहीं दिए जाएंगे शव

नई दिल्ली ।

आंतकियों पर अब मोदी सरकार अब बेहद सख्त फैसला लाने की तैयारी में है। आतंकियों के खिलाफ आपरेशन तेज करने के निर्देश तो दिये ही गयी है, अब केंद्र सरकार अपने आपरेशन प्लान में भी बदलाव करने की तैयारी में है, जिसके तक अब मारे गये बड़े आतंकियों के शव को परिजनों को नहीं सौंपा जायेगा, बल्कि उनके शव को अन मार्क ग्रेव में दफनाया जायेगा।

विचार यही चल रहा है कि ये आतंकियों के बड़े लीडरों के शवों को लेकर किया जायेगा। अब तक जैश व लश्कर व हिजबुल के बड़े आतंकियों के शव को परिजनों को सौंपे जाते थे। उनका शव परिवार तक भेजा जाता था। लेकिन ये शव उनके परिवार को नहीं जायेगा। इसके पीछे एक बड़ी वजह है।

दरअसल शव जब परिवार के पास पहुंचता है, तो उनके जनाजे में युवा पहुंचते हैं और फिर वतन के खिलाफ भडकाऊ भाषणों का दौर चलता है, जिससे कई युवाओं के रास्ते भटक जाते हैं। इंटेलिजेंस ने भी जानकारी दी थी कि जनाजों के लिए जरिये बड़े पैमाने पर युवाओं का ब्रेन वाश किया जा रहा है और आतंकियों की भर्ती बड़ी ही तेजी हो रही है। इसी के मद्देनजर ये तैयारी की जा रही है।

वहीं पत्थरबाजों पर भी सेना को सख्त हिदायत दी गयी है। पत्थरबाजों पर मुकदमा किसी भी सूरत में नहीं हटाने के निर्देश जारी किये गये हैं। हालांकि ऐसे निर्देश मुफ्ती सरकार को भी केंद्र ने दिये थे, लेकिन वो इसे मानने को तैयार नहीं थी, जिसकी वजह से आये दिन हालात जम्मू-कश्मीर के बिगड़ रहे थे।

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