छत्तीसगढ़

13 लाख रुपये खर्च के बाद गौठान निर्माण कार्य सिफर, ऐसे काम होगा तो कैसे चलेगा श्रीमान जी

मनरेगा के तहत बनने वाले उक्त गोठान के लिए मुख्यमंत्री के आने की चर्चा

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़। मनरेगा के तहत गौठान निर्माण के लिए 21 लाख रुपए स्वीकृति के बाद 13 लाख रुपये खर्च कर दिया गया, और अब यह कहकर निर्माण कार्य निरस्त कर दिया गया कि यह क्षेत्र हाथी प्रभावित है और हाथियों ने निर्माण कार्य भी तोड़ दिए,जिसके कारण गौठान निर्माण कार्य प्रभावित हो गया और निरस्तीकरण के प्रस्ताव भेजे गए हैं वहीं वन विभाग का कहना है कि जिस भूमि पर गोठान निर्माण किया जा रहा था वह वन विभाग की भूमि है। विभाग ने जप्तीकर कार्य रोक दिया है।

मनरेगा के तहत बनने वाले उक्त गोठान के लिए मुख्यमंत्री के आने की चर्चा

रायगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत अड़बहाल ग्राम पंचायत में छत्तीसगढ़ सरकार की महती योजना नरवा गरुआ घरुआ बारी के तहत गौठान निर्माण की लगभग 21 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी, जिसके तहत लगभग 10 एकड़ जमीन पर जिसमें 5 एकड़ में गौठान और 5 एकड़ में चारागाह बनाये जाने थे। मनरेगा के तहत बनने वाले उक्त गोठान के लिए मुख्यमंत्री के आने की चर्चा भी थी।

निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया, लेकिन उक्त भूमि पर वनविभाग ने आपत्ति दर्ज कराई और कार्य रोक दिया गया। हालांकि जो निर्माण कार्य हुए हैं उसका भौतिक सत्यापन करायी जाए, तो महज 2 से 3 लाख रुपए खर्च की गई है। कोटना निर्माण अधूरा है, पशुओं के रुकने के लिए लकड़ी के झाला बनाये गए हैं जोकि अधूरा ही है। मात्र 300 मीटर में सीपीटी गड्ढे बनाये गए हैं।

13 लाख रुपए खर्च

वृक्षारोपण तो किया ही नहीं गया वहीं चारागाह की विकास भी नहीं की गई है। ऐसे में 13 लाख रुपए खर्च बताकर हाथियों के द्वारा निर्माण कार्य तोड़ दिए जाने के बहाने और अब हाथी प्रभावित क्षेत्र का तमगा पहनाकर इसके निरस्तीकरण की अनुशंसा कर दी गई है।इस गोठान निर्माण में बहुत बड़े घोटाले को जमीदोंज करने की कोशिश की जा रही है।वनविभाग की जमीन पर बनाये जा रहे उक्त गोठान की विभाग से अनुमति भी नहीं ली गई। वनविभाग द्वारा आपत्ति व रोक लगाए जाने को जनपद पंचायत के अधिकारी छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

वनविभाग के वनपाल एम एस बरिहा ने बताया कि अड़बहाल का गोठान निर्माण पूरा का पूरा 10 एकड़ वनभूमि में आता है, इसकी अनुमति विभाग से नहीं ली गई थी, जिसके कारण उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उक्त गोठान निर्माण में तत्काल रोक लगा दी गई, और मेरे द्वारा जप्तीनामा किया जाकर प्रकरण उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया गया है। हाथियों द्वारा उक्त गोठान निर्माण में तोड़ने व नुकसान पहुचाने वाली बात महज बनावटी है।अगर हाथियों द्वारा तोड़ा गया होता तो विभाग को जानकारी दी जाती और वन विभाग द्वारा नुकसानी तय की जाती।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत रायगढ़ सागर सिंह राज ने बताया कि अड़बहाल का गोठान निर्माण निरस्त कर दिया गया है चूंकि यह गांव हाथी प्रभावित है और हाथियों द्वारा निर्माण कार्य तोड़ दिया गया था जिसका पुनर्निर्माण नहीं किया जा सकता ।लगभाग 13 लाख रुपए खर्च हो गया था। वन विभाग द्वारा कुछ जमीन पर ही आपत्ति जताई गई थी।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button