श्रीलंका में धमाकों के बाद भारतीय तटरक्षक बल अलर्ट, प्लेन और जहाजों से बढ़ाई निगरानी

नई दिल्ली। ईस्टर संडे पर श्री लंका में हुए सीरियल बम धमाकों से पूरी दुनिया सन्न है। इस बीच, भारत ने अपने पड़ोसी देश को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने श्री लंका के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से बात कर हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इसके साथ ही भारत ने कई ऐहतियाती कदम भी उठाए हैं।

श्री लंका से लगती समुद्री सीमा पर तैनात भारतीय तटरक्षक बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। रविवार को पड़ोसी देश में हुए 8 धमाकों के बाद भारतीय बल की तरफ से सतर्कता बढ़ा दी गई है। भारतीय तटरक्षक बल ने निगरानी बढ़ा दी है और गश्त के लिए ज्यादा पोत और विमानों को तैनात किया है। आपको बता दें कि श्री लंका में हुए धमाकों में 290 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 500 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

कोस्ट गार्ड के एक अधिकारी ने बताया कि निगरानी के लिए कई कदम उठाए गए हैं ताकि समुद्र के रास्ते देश में किसी तरह का सुरक्षा खतरा नहीं हो। समुद्री निगरानी के लिए डॉर्नियर एयरक्राफ्ट और जहाजों को तैनात किया गया है जिससे आत्मघाती हमलों के लिए जिम्मेदार समूह के लोग बचकर भाग न सकें। कोस्ट गार्ड की तरफ से विशेष सतर्कता बरती जा रही है जिससे 26/11 मुंबई आतंकी हमले जैसे वारदात को रोका जा सके। उस समय आतंकी समुद्र के रास्ते ही भारत में घुसे थे।

26 नवंबर 2008 को मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन समेत कई जगहों पर हमले हुए थे, जिनमें 166 लोगों की मौत हो गई थी और 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। एक अधिकारी ने कहा, ‘हमने निगरानी के लिए तूतीकोरिन, मंडपम और कराईकल तटरक्षक स्टेशनों पर सभी जहाजों को तैनात किया है।

श्रीलंका सरकार की ओर से बताया गया है कि इन हमलों में 7 आत्मघाती हमलावर शामिल थे, जो देश के ही नागरिक हो सकते हैं। अधिकारियों ने धमाकों में खुफिया विफलता को स्वीकार किया है। सोमवार रात से देश में आपातकाल लागू हो जाएगा और सुरक्षाबलों को विशेष अधिकार मिल जाएंगे। इसके बाद देशभर में आतंकवाद के खिलाफ विशेष ऑपरेशन चलाए जाने की संभावना है।

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