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चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद केंद्र ने दिया रिपोर्ट देने का निर्देश

सीजेडए ने सभी चिड़ियाघर प्रबंधन को आधिकारिक ज्ञापन जारी किया

कानपुर:पर्यावरण मंत्रालय के आधीन आने वाले सीजेडए ने सभी चिड़ियाघर प्रबंधन को आधिकारिक ज्ञापन जारी कर सभी चिड़ियाघर प्रबंधन को उस समय तक रोजाना रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है जब तक उनका इलाका इस बीमारी से मुक्त घोषित न हो जाए। अब तक देश में सात राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है।

साथ ही चिड़ियाघर में आने वाले सभी वाहनों को सैनिटाइज किया जाए। चिड़ियाघर में स्थित सभी जलस्रोतों की भी निगरानी रखी जाए। अगले नोटिस तक देसी और प्रवासी पक्षियों के अदला बदली के कार्यक्रम को बंद किया जाए। प्रवासी पक्षियों के आने के केंद्रों पर सख्त निगरानी की जाए।

मध्यप्रदेश के झाबुआ में पांच मोरों की मौत

मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में एक गांव में रविवार को पांच मोर मृत मिले। राज्य के 13 जिलों में पहले ही बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है।

संभागीय वन अधिकारी एमएल हरित ने बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित मदरानी गांव में ये मोर मृत पाए गए। इनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया है और इन मोरों का पोस्टमार्टम भी कराया जाएगा।

प्रदेश पशुपालन विभाग के अधिकारी डॉ. विल्सन डावर ने कहा कि तीन से चार दिन में जांच रिपोर्ट आ जाएगी। प्रदेश में 27 जिलों में अब तक 1100 कौवों और अन्य पक्षियों की मौत हो चुकी है।

महाराष्ट्र के लातूर में दो दिन में 180 पक्षी मरे

महाराष्ट्र के लातूर जिले के अहमदपुर इलाके में पिछले दो दिन में 180 पक्षियों की मौत हुई है। इनमें 128 मुर्गियां शामिल हैं। इसके बाद 10 किलोमीटर के इलाके को अलर्ट जोन घोषित किया गया है। जिले के कलेक्टर पृथ्वीराज बीपी ने कहा कि पक्षियों की मौत की वजह अभी पता नहीं है। इनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।

केंद्रेवाड़ी गांव के आसपास के इलाके को अलर्ट जोन घोषित किया गया है। जिला प्रशासन ने कहा कि अलर्ट जोन का मतलब है कि न कोई वाहन आ सकेगा न जा सकेगा और पोल्ट्री, पक्षियों, पशुओं आदि के परिवहन पर भी रोक रहेगी।

यूपी के कानपुर में चिड़ियाघर बंद, अमेठी में छह कौवें मृत मिले उत्तर प्रदेश में कानपुर के चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद इसे लोगों के लिए अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। वहीं अमेठी जिले के संग्रामपुर इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में छह कौवें मृत पाए गए हैं। इनकी मौत की वजह जानने के लिए सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।

कानपुर शहर के एडीएम अतुल कुमार ने बताया कि चिड़ियाघर के एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित क्षेत्र घोषित किया गया है और पक्षियों को मारने का काम शुरू कर दिया गया है। चिड़ियाघर में पिछले पांच दिनों में दो तोते और दो जंगली मुर्गों व दो कड़कनाथ मुर्गों की मौत हुई थी।

इनमें से दो में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद चिड़ियाघर को लोगों और सुबह की सैर पर आने वाले लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। साथ ही अस्पताल परिसर, जहां पर मुर्गों को इलाज के लिए रखा गया, वहां पर स्टाफ का प्रवेश बंद कर दिया है।

चिड़ियाघर के आसपास के 10 किलोमीटर के क्षेत्र को प्रतिबंधित इलाका घोषित किया गया है। अंडा, चिकन बेचने वाली दुकानों को अगले आदेश तक बंद रखने को कहा गया है। पोल्ट्री उत्पादों के प्रवेश और परिवहन पर भी रोक लगाई गई है।

साथ ही चकेरी एयरपोर्ट पर भी अलर्ट घोषित किया गया है। एयरपोर्ट स्टाफ को निर्देश दिया गया है कि एयरपोर्ट कैंपस या आसपास कहीं मरा पक्षी दिखे तो तत्काल सूचना दें।

वहीं अमेठी के मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि संग्रामपुर पुलिस थाना इलाके के कैती गांव में अलग-अलग जगहों पर कौवें मरे पाए गए। वन अधिकारियों और डॉक्टरों की टीम को गांव भेजकर मृत पक्षियों के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है। गांव निवासी शिव बहादुर शुक्ला ने बताया कि कौवों के मरने से गांव के लोगों में डर बैठ गया है।

राजस्थान में 400 से अधिक पक्षियों की मौत

राजस्थान में रविवार को विभिन्न इलाकों में 400 से अधिक पक्षियों की मौत हुई। इनमें से ज्यादातर कौवें हैं। राज्य में पहले ही बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है।

अधिकारियों ने बताया कि 428 पक्षियों की मौत के साथ ही पिछले कुछ दिनों में राज्य में मरने वाले पक्षियों की संख्या बढ़कर 2950 हो गई है। 13 जिलों से 51 मृत पक्षियों के सैंपल पॉजिटिव पाया गया। रविवार को मरे पक्षियों में 326 कौवें, 18 मोर, 34 कबूतर और 50 अन्य हैं।

कानपुर : भीतरगांव-जहानाबाद सीमा पर 15 बोरियों में भरकर फेंकी मरी मुर्गियां

भीतरगांव विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुआंखेड़ा और जहानाबाद (फतेहपुर) सीमा से निकल रहे नाले में मृत मुर्गियों को 15 बोरियों में भरकर शनिवार रात को कोई फेंक गया। रविवार सुबह कुत्ते और सियार बोरियां फाड़कर उसमें भरी मुर्गियां खाते और ले जाते देखे गए। मुर्गियों से भरी कुछ बोरियां मौके पर पड़ी थीं। जिस नाले में मृत मुर्गियां फेंकी गई हैं, वह कानपुर सीमा से सौ मीटर दूर फतेहपुर सरहद पर आता है।

पिछली कुछ रातों से यहां कोई बोरियों में मृत मुर्गियां आकर फेंक रहा है। उधर, ग्राम पंचायत रावतपुर चौधरियान के मजरा गहोलिनपुरवा गांव में दूसरे दिन रविवार को भी खेतों में एक दर्जन से अधिक कौवों के शव पाए गए। वहीं इसी गांव में शनिवार को मृत मिले 20 से अधिक कौवों को रविवार को जलाकर दफना दिया गया। दो दिन में करीब तीन दर्जन कौवों की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

हिमाचल : पौंग में 215 और पक्षियों की मौत से 4,235 पहुंचा मृत प्रवासी पक्षियों का आंकड़ा

हिमाचल के पौंग बांध में फैले बर्ड फ्लू के बीच रविवार को भी 215 और प्रवासी पक्षियों की मौत हो गई है। यहां मृत प्रवासी पक्षियों का आंकड़ा 4,235 पहुंच गया है। जिला कांगड़ा में बर्ड फ्लू से कौवों की मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है।

रविवार को जिले भर में 17 और मृत कौवे मिले हैं। इनमें सबसे अधिक 12 कौवे जवाली में मिले हैं। वहीं, पौंग झील क्षेत्र में रविवार को दिल्ली से पहुंची पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों की टीम ने दौरा किया।

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