ताजा टकराव के बाद, पोरोशेंको ने जर्मनी और नाटो देशों से मांगी मदद

यूक्रेन ने कहा रूसी साम्राज्य के लिए पुतिन को चाहिए तीन देश

यूक्रेन के राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको ने हाल ही में हुए रूस के साथ ताजा टकराव के बाद जर्मनी और नाटो देशों से मदद मांगी है। उन्होंने जर्मनी ‘करीबी सहयोगी’बताते हुए नाटो से नौसैनिक पोत भेजने को कहा है।

हाल में क्रीमिया के तट के पास रूसी नौसेना द्वारा यूक्रेन के तीन सैन्य पोतों को अजोव सागर पर रोककर जब्त करने और यूक्रेन के सीमावर्ती क्षेत्रों में मार्शल लॉ लगाने के बाद इस मदद की अपील को पश्चिमी देशों में बड़ी कार्रवाई के रूप में लिया जा रहा है।

राष्ट्रपति ने जर्मनी के प्रसिद्ध बिल्ड अखबार से बातचीत में कहा,’हम उम्मीद करते हैं कि नाटो अजोव सागर में यूक्रेन की मदद करने और सुरक्षा मुहैया कराने के लिए अब अपने सैनिक पोत भेजने को तैयार हैं।’

उन्होंने जर्मन चांसलर एंजेला मैर्केल को यूक्रेन की महान दोस्त बताते हुए कहा कि 2015 के बाद हम एक बार फिर उनसे मजबूत समर्थन की उम्मीद करते हैं।

उधर रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति अगले साल होने वाले चुनाव के कारण अपनी घटती लोकप्रियता बढ़ाने के लिए भड़काऊ कदम उठा रहे हैं।

जबकि यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रभारी फेडेरिका मोगेरिनी ने रूस-यूक्रेन तनाव पर चिंता जताते हुए रूसी बल प्रयोग को अस्वीकार्य बताया।

उन्होंने कहा, रूस को चाहिए कि वह यूक्रेन के जब्त जहाजों और नौसैनिकों को तुरंत रिहा करे।

रूसी साम्राज्य के लिए पुतिन को चाहिए तीन देश : यूक्रेन

यूक्रेन के राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको का कहना है कि रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन एक बड़ी योजना पर काम कर रहे हैं।

पुतिन फिर से रूसी साम्राज्य कायम करने के लिए यूक्रेन समेत क्रीमिया व डोनबास को हड़पना चाहते हैं।

वह खुद को रूसी सम्राट के तौर पर देखते हैं, उनका साम्राज्य यूक्रेन के बिना काम नहीं कर सकता इसलिए वे हमें अपने उपनिवेश के तौर पर देखते हैं।

टकराव पर तुर्की मध्यस्थता को तैयार

तुर्की सीरिया संघर्ष में भी रूस के साथ मिलकर काम कर रहा है। जबकि एर्दोगन हमेशा से यूक्रेन के साथ तुर्की के परंपरागत रिश्तों पर जोर देते रहे हैं।

यही कारण है कि तुर्की राष्ट्रपति के मध्यस्थता वाले बयान को अहम माना जा रहा है।

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