2जी स्पेक्ट्रम मामला में फैसला आने के बाद ,कनिमोझी ने सबसे पहले पिता को किया फोन

जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरुवार को पूर्व दूरसंचार मंत्री और द्रमुक नेता ए. राजा, उनकी पार्टी की नेता और राज्यसभा सदस्य कनिमोझी को बरी कर दिया

2जी स्पेक्ट्रम मामला में फैसला आने के बाद ,कनिमोझी ने सबसे पहले पिता को किया फोन

2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरुवार को पूर्व दूरसंचार मंत्री और द्रमुक नेता ए. राजा, उनकी पार्टी की नेता और राज्यसभा सदस्य कनिमोझी को बरी कर दिया. इनके साथ ही 15 अन्य आरोपी और तीन कंपनियों को भी बरी किया गया है.

निर्दोष करार दिए जाने के बाद कनिमोझी ने न्यूज18 से खास बातचीत में बताया कि फैसला आने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपने पिता एम करुणानिधि को फोन किया. कनिमोझी ने कहा, “वह बहुत खुश हुए. ये हमारे लिए काफी भावुक क्षण था. पिछले सात साल हमारे लिए काफी डरावने रहे.”

कनिमोझी ने बताया कि फैसला आने के बाद राहुल गांधी ने फोन पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि आखिर में सच की जीत हुई है.

क्या है मामला?
सीबीआई ने राजा, कनिमोझी और अन्य आरोपियों के खिलाफ अप्रैल 2011 में आरोप पत्र दाखिल किया था. सीबीआई ने आरोप लगाया था कि 122 लाइसेंस के आवंटन से 30,984 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. इसे दो फरवरी 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था.

सीबीआई के दूसरे केस में एस्सार ग्रुप के प्रमोटर रवि रुइया और अंशुमन रुइया, लूप टेलीकॉम के प्रमोटर किरण खेतान, उनके पति आई पी खेतान और एस्सार समूह के निदेशक (स्ट्रैटजी एंड प्लानिंग) विकास सरफ आरोपी बनाया गया था. सीबीआई कोर्ट में तीसरा आरोप-पत्र प्रवर्तन निदेशालय ने अप्रैल 2014 में 19 आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया था.

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