भारत के इस रणनीतिक कदम के बाद बौखलाया पाकिस्तान

पाकिस्तान के द्वारा भी उठाया जा सकता है भारत के खिलाफ व्यापारिक कदम

नई दिल्‍ली: जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए पाकिस्तान से एमएफ़एन (मोस्‍ट फेवर्ड नेशन) का दर्जा छीन लिया है. अब भारत के द्वारा पाकिस्तान को 1,963 वस्तुओं का व्यापार नहीं कर पाएगी.

जिसके बाद पाकिस्‍तान भारत के इस रणनीतिक कदम के बाद बौखलाया हुआ नजर आ रहा है. जिसके बाद पाकिस्‍तान भी भारत के खिलाफ एकतरफा कदम उठा सकता है या दक्षिण एशिया तरजीही व्यापार समझौते (SAPTA) के तहत भारत को दी गई रियायतें रद्द कर सकता है और जेनेवा स्थित विश्व व्यापार संगठन में इस मुद्दे को उठा सकता है.

दरअसल, एमएफएन एक आर्थिक दर्जा है, जिसमें दो देशों के बीच होने वाले ‘मुक्त व्यापार समझौते’ के तहत दिए जाने का प्रावधान है. जो भी देश किन्हीं देशों को यह दर्जा देता है, उस देश को उन सभी के साथ व्यापार की शर्तें एक जैसी रखनी होती हैं. जिन राष्‍ट्रों को एमएफएन का दर्जा दिया जाता है, उन्हें व्यापार में अन्‍य देशों की तुलना में कम शुल्क, ज्यादा व्यापारिक सहूलियतें और उच्चतम आयात कोटा की सुविधा दी जाती हैं.

पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के आर्थिक सलाहकार रज्‍जाक दाऊद ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्‍तान भारत की तरफ से उठाए गए इस कदम के खिलाफ सभी विकल्‍पों पर विचार कर रहा है. उन्‍होंने शुक्रवार को पाकिस्‍तानी मीडिया को बताया, ‘पाकिस्तान ने मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस लेने के भारत सरकार के फैसले के बाद सभी उपलब्ध सभी विकल्पों पर विचार किया है.

वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने पाकिस्‍तानी अखबार डॉन को बताया कि पाकिस्तान भारत से आयात होने वाली और अधिक वस्‍तुओं को नकारात्मक सूची में शामिल कर सकता है. इसका मतलब है कि पाकिस्‍तान की तरफ से भी भारत के खिलाफ व्‍यापारिक लिहाज से कदम उठाया जा सकता है.

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