क्राइमबड़ी खबरराष्ट्रीय

विकास दुबे Encounter के बाद UP Police कितने हिस्ट्रीशीटर की कर रही है तलाश?

बचे हुए साथी अभी भी एनकाउंटर से बचने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं.

गाजियाबाद. कानपुर में 8 पुलिसवालों की हत्या का आरोपी हिस्ट्रीशीटर (History-Sheeter) विकास दुबे (Vikas Dubey) का एनकाउंटर (Encounter) हो चुका है.

सिर्फ विकास दुबे ही नहीं उसके 6 साथियों को भी यूपी पुलिस (UP Police) ने ढेर कर दिया है. बचे हुए साथी अभी भी एनकाउंटर से बचने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं.

विकास दुबे के ऊपर कई आपराधिक मामले चल रहे थे. कानपुर घटना के बाद यूपी पुलिस लगातार कह रही है कि विकास दुबे जैसे कई और हिस्ट्रीशीटर की प्रदेश में पहचान की जा रही है.

यूपी पुलिस ने हत्या, लूट और डकैती करने वाले इन हिस्ट्रीशीटर्स के खिलाफ अब पूरी तरह से जंग शुरू कर दिया है. विकास दुबे की हत्या के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में बदमाशों को हिस्ट्रीशीट में नाम लिखवाने की कवायद चल रही है. अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड्स को खंगाले जा रहे हैं

कानपुर जैसी घटना किसी दूसरे जिले में न हो इसके लिए यूपी पुलिस पूरे प्रदेश में अपराधियों पर कई तरह से नकेल कस रही है. गाजियाबाद में भी 300 से ज्यादा अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी चल रही है.

इसी तरह पूरे प्रदेश में लगभग 20 हजार हिस्ट्रीशीटर का रिकॉर्ड्स यूपी पुलिस खंगाल रही है. यूपी पुलिस का मकसद है कि अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना कर उसको समाज से अलग-थलग कर दिया जाए. समाज उसके अपराधों को किसी तरह से सपोर्ट न करे.

हिस्ट्रीशीटर बन गए तो ताउम्र निगरानी होती है. यह मात्र एक अभिलेख ही नहीं, सामाजिक कलंक भी है. हिस्ट्रीशीटर कहलाए जाने से बचने के लिए अपराधमुक्त साधारण जीवन व्यतीत करना एकमात्र विकल्प है.’

हिस्ट्रीशीटर का मतलब क्या होता है?

बता दें कि हिस्ट्रीशीटर का मतलब होता है कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्‍यक्ति, जिसका पहले से भी कई आपराधिक रिकॉर्ड्स रहा हो. साथ ही वह शख्स लगातार अपराध करता रहा होता है. उसके अपराधों के रिकार्ड्स को एक जगह रखा जाता है. अमूमन किसी बड़े अपराधी का आपराधिक रिकॉर्ड्स जिले के एसपी और एसएसपी ऑफिस में मौजूद रहता है, जिसे हिस्ट्रीशीट कहते हैं.

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button