छत्तीसगढ़

वाहनों की उम्र स्टेट तय नहीं करेगी – हाईकोर्ट

बिलासपुर: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें 12 साल पुरानी गाड़ियों को बैन करने का फैसला दिया गया था. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि राज्य सरकार वाहनों के उपयोग की अवधि तय नहीं कर सकती है. चीफ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी की डिविजन बेंच ने गुरुवार को ये फैसला सुनाया.

दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार ने साल 2016 प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया था. राज्य सरकार ने फैसला लिया था कि 12 साल पुरानी गाड़ियों और 10 साल पुराने ट्रकों को परमिट नहीं दी जाएगी. लेकिन राज्य सरकार के इस फैसले को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है. दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा है कि, वाहनों की उम्र राज्य सरकार तय नहीं कर सकती.

प्रदूषण रोकने के लिए हुआ था फैसला : बता दें कि पिछले दिनों ही शहर में प्रदूषण फैलाने वाले 10 हजार वाहनों का पंजीयन रद्द किया गया था. विभाग ने दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों के पंजीयन पर भी यह नियम लागू की थी. वहीं 8 साल पुराने व्यावसायिक यात्री वाहनों का पंजीयन प्रदेश में बंद कर दिया गया था. साल 2016 में लिए फैसले के बाद प्रदेश सरकार ने बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए 12 साल पुरानी बसें और ट्रकों पर रोक लगाने का निर्णय लिया था. इस पर परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी थी.

अनफिट गाड़ियों के पंजीयन निरस्त : विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष बड़ी संख्या में अनफिट गाड़ियों के पंजीयन निरस्त किये गये हैं. इस कार्रवाई से ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप मच गया था. 12 साल और 15 साल का वक्त पूरा कर चुके डीजल वाहनों के मालिक गाड़ियों के कागजात लेकर रोज परिवहन कार्यालय पहुंच रहे थे. खराब हो चुकी गाड़ियों का बीमा नहीं किया जा रहा. ऐसे ट्रांसपोर्टरों को फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं दिया जा रहा था.

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