छत्तीसगढ़

कृषि मंत्री अग्रवाल ने 28 लाख रूपए से अधिक के विकास कार्यो की दी स्वीकृति

रायपुर : कृषि एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखण्ड के छैलडोंगरी में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। उन्होंने शिविर में ही सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित लगभग 28 लाख रूपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यो की घोषणा की। कृषि मंत्री ने गर्मी के मौसम में क्षेत्र के गांवों में पेयजल व्यवस्था दुरूस्त रखने के लिए बिगड़े हैण्डपंपों का सुधार करने और हैण्डपंपों में आवश्यकता अनुसार राईजिंग पाईप लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी, गरियाबंद जिले के कलेक्टर श्याम धावड़े भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

लोक सुराज अभियान के तहत मैनपुर विकासखण्ड के ग्राम छैलडोंगरी में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। अग्रवाल ने समाधान शिविर में लगाए गए सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया और अभियान के प्रथम चरण में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के स्टाल में अपना शुगर टेस्ट भी कराया। निरीक्षण पश्चात उनके द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के अलावा ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन को अपने सामने बुलाकर शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की।

गरियाबंद जिले के प्रभारी अग्रवाल ने ग्राम छैलडोंगरी में पेयजल के लिए सोलर पंप लगाने, ग्राम भेजीपदर में संचालित स्थल जल प्रदाय योजना की पाईपलाईन बढ़ाने, गिरसूल में पेयजल व्यवस्था में सुधार करने, गोहरापदर में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना अंतर्गत कुंआ निर्माण का कार्य शीघ्र पूरा करने तथा तेतलखुंटी, धुर्वागुड़ी, कांडेकेला एवं गुरजी भाठा में अतिशीघ्र नया ट्रांसफार्मर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम छैलडोंगरी के माता देवालय के सामने सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 5 लाख रूपये, छैलडोंगरी में सी.सी रोड निर्माण के लिए 5 लाख रूपये एवं माध्यमिक शाला में अहाता निर्माण के लिए 5 लाख रूपये और दो आंगनबाड़ी भवनों के लिए 13 लाख रूपये स्वीकृत करने की घोषणा की।

समाधान शिविर में ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री अग्रवाल ने किसानों को फसल चक्र परिवर्तन अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान धान की खेती के अलावा दलहन-तिलहन, साग-भाजी, पशुपालन, मुर्गीपालन, मछलीपालन को भी अपनायें। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना अंतर्गत अपने खेतों में डबरी एवं कुओं का निर्माण करें, इससे जल स्तर बढ़ेगा, साथ ही साथ वे साग-सब्जी व मछली पालन का कार्य कर सकते हैं।

फसल चक्र परिवर्तन अपनाकर नगदी फसल लेने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी, जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पिछले 14 सालों से गांवों, गरीबों, किसानों, मजदूरों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मात्र एक रूपये किलो में गरीबों को चावल, स्कूली बच्चों को पाठ्यपुस्तक, हाईस्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं को साइकिल, मजदूरों को औजार उपलब्ध कराये जा रहे हैं। अग्रवाल लोगों से शासकीय योजनाओं का फायदा उठाने का अनुरोध भी किया। समाधान शिविर को क्षेत्रीय विधायक एवं संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी ने भी सम्बोधित किया। अग्रवाल ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत कई हितग्राहियों को सामग्री भी वितरित की।

समाधान शिविर में छैलडोंगरी सेक्टर से प्राप्त 4178 आवेदनों में से 4167 आवेदनों के निराकरण की जानकारी विभागीय अधिकारियों द्वारा दी गई। शिविर स्थल में भी 254 आवेदन प्राप्त हुए, जिसके निराकरण के लिए समय-सीमा दिया गया है। शिविर में पूर्व विधायक डमरूधर पुजारी, देवभोग की जनपद अध्यक्ष नेहा सिंघल, जिला वनोपज संघ के अध्यक्ष भागीरथी मांझी, ग्राम पंचायत की सरपंच उमा बाई सोम सहित जनप्रतिनिधिगण व ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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