कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों की बोनी जारी रखने की दी सलाह

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों की बोनी जारी रखने की दी सलाह

रायपुर : कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने अनुकूल मौसम को देखते हुए किसानों को रबी मौसम की गेहूं, चना, तिवरा आदि की बोनी जारी रखने की सलाह दी है। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा यहां जारी विशेष कृषि बुलेटिन में कहा है कि तिलहनी फसलों जैसे सूरजमुखी, तिल और मूंगफल्ली बोने के लिए भी अच्छा मौसम चल रहा है।

कृषि बुलेटिन में कहा गया है कि चने के जिन खेतों में उकठा एवं कॉलरराट बीमारी का प्रकोप हर साल होता है, वहां चने की जगह गेंहू, तिवरा, कुसुम, अलसी आदि की खेती करना चाहिए। फसल चक्र अपनाने से इन खेतों की चना फसल में कई सालों से हो रही बीमारियां नहीं होंगी। चने को बोने से पहले बीजों का उपचार करना जरूरी है।

बीजों को कार्बेन्डाजिम दवा 1.5 ग्राम, राइजोबियम कल्चर 6 से 10 ग्राम तथा ट्राईकोडर्मा पावडर 6 से 10 ग्राम प्रति किलो बीज में मिलाकर उपचारित करना चाहिए। कृषि वैज्ञानिकों ने कहा है कि शीतकालीन सब्जियों में बैगन, टमाटर और भिंडी की फसल को भेदक कीट से बचाने के लिए 20 फिरोमेन ट्रेप का उपयोग प्रति हेक्टेयर पर किया जा सकता है।

कृषि वैज्ञानिकों ने फल उद्यानों में सिंचाई की टपक पद्धति का उपयोग करने का सुझाव देते हुए कहा है कि इससे कम पानी में अधिक क्षेत्रफल में सिंचाई की जा सकती है।

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