छत्तीसगढ़

कृषि वैज्ञानिक कम लागत व अल्प अवधि में वर्मी खाद के उत्पादन की तकनीक विकसित करें

निर्देशक विस्तार सेवाएं मुखर्जी ने किया कृषि विज्ञान केन्द्र एवं गौठान का भ्रमण

रायपुर, 26 अक्टूबर 2020 : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निर्देशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.सी. मुखर्जी के द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र अम्बिकापुर एवं कृषक प्रक्षेत्र के साथ-साथ मॉडल गौठान केशवपुर का अवलोकन किया गया। इस दौरान उन्होंने केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रविन्द्र तिग्गा से केन्द्र द्वारा जिले के खेती-किसानी को बेहतर बनाने तथा गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गौठानों में संचालित गतिविधियों की जानकारी ली।

उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से किसानों को खेती-किसानी में आने वाली समस्याओं का त्वरित निदान करने तथा कम लागत और कम अवधि में वर्मी खाद उत्पादन पर शोध एवं तकनीक विकसित करने का आह्वान किया ताकि गोठानों में वर्मी खाद के उत्पादन में तेजी लाई जा सके। उन्होंने गोधन न्याय योजना को सफल बनाने हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र में केंचुआ उत्पादन हब बनाने एवं जिले में केंचुआ की आपूर्ति की व्यवस्था के लिए वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना की।

केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रविन्द्र तिग्गा ने केन्द्र द्वारा क्रियान्वित बीजोत्पादन कार्यक्रम समूह, अग्र पंक्ति प्रदर्शन, पोषण बाडी विकास, फल आधारित फसल पद्धति, समन्वित कृषि प्रणाली एवं धान के मेंड में सब्जी उत्पादन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

निर्देशक डॉ. मुखर्जी ने केशवपुर के आंगनबाडी का दौरा किया, जहां केन्द्र के तकनीकी मार्गदर्शन में पोषण बाड़ी का कार्य किया गया है। आंगनबाडी की कार्यकर्ता के द्वारा निर्देशक को केन्द्र के माध्यम से उपलब्ध कराए गए सामाग्रियों के साथ-साथ तकनीकी मार्गदर्शन के बारे भी जानकारी दी। डॉ. मुखर्जी ने केशवपुर के आदर्श गौठान का भ्रमण कर वहां कार्यरत् महिला स्व सहायता समूह द्वारा किये जा रहे बटेर पालन, केंचुआ खाद उत्पादन ईकाइ के साथ-साथ चारा, सब्जी उत्पादन और मधुमक्खी पालन इकाई का अवलोकन किया और महिला समूह के कार्र्यों की सराहना की।

कृषि छात्रों से चर्चा

उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों को वार्षिक कैलेण्डर तैयार करने के भी निर्देश दिए, ताकि समूह से जुड़ी महिलाओं को निरंतर आमदनी प्राप्त होती रहे। निर्देशक द्वारा कमलपुर ग्राम का भी भ्रमण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कृषि छात्रों से चर्चा की एवं खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें साझा की। छात्र महेन्द्र राजवाड़े तथा अन्य साथियों द्वारा तैयार आयस्टर मशरूम इकाई के साथ-साथ बकरी पालन ईकाइ का भी अवलोकन किया।

कमलपुर ग्राम में राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता के प्रक्षेत्र का भ्रमण किया जहां केन्द्र के तकनीकी मार्गदर्शन से केंचुआ एवं वर्मी खाद उत्पादन इकाई का निर्माण किया गया है। राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता गिर नस्ल की गाय डेयरी चलाते हैं और दूध से घी का प्रसंस्करण कर मार्केटिंग भी कर रहे है।

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