अगस्ता वेस्टलैंड केस, भारत भेजा जाएगा बिचौलिया मिशेल

दुबई कोर्ट ने दिया आदेश

दुबई : अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाला मामले में दुबई की एक अदालत ने 3,600 करोड़ रुपए के कथित बिचौलिए एवं ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण का आदेश दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार देर शाम इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले भारत ने इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई आपराधिक जांच के आधार पर खाड़ी देश से इस संबंध में आग्रह किया था, जिसके बाद मंगलवार को अदालत ने यह फैसला दिया।

अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि क्रिश्चियन मिशेल (54) के खिलाफ आदेश की पूरी जानकारी बुधवार मिल सकेगी क्योंकि कानूनी फैसला अरबी भाषा लिखा हुआ है। ऐसे में भारतीय अधिकारियों के आग्रह पर उसका अंग्रेजी में अनुवाद कराया जा रहा है। दुबई कोर्ट का यह फैसला मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

फरवरी 2017 में यूएई में गिरफ्तार किया गया था मिशेल को
बिचौलिए मिशेल को फरवरी 2017 में यूएई में गिरफ्तार कर लिया गया था। मिशेल के वकील ने आरोप लगाया था की भारतीय जांच एजेंसी सीबीआई उनके क्लाइंट पर दबाव बना रही है। हालांकि जांच एजेंसी ने मिशेल के वकील के इन आरोपों को खारिज कर दिया था।

ईडी ने जून 2016 में मिशेल के खिलाफ दायर अपने आरोप-पत्र में आरोप लगाया था कि उसने अगस्ता वेस्टलैंड से करीब 225 करोड़ रुपये प्राप्त किए। ईडी ने कहा था कि यह पैसा और कुछ नहीं, बल्कि कंपनी द्वारा 12 हेलिकॉप्टरों के समझौते को अपने पक्ष में कराने के लिए वास्तविक लेन-देन के नाम पर दी गई रिश्वत थी।

बता दें कि इस मामले में गुइदो हाश्के और कार्लो गेरोसा के अलावा मिशेल तीसरा कथित बिचौलिया है। अदालत द्वारा क्रिश्चियन मिशेल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के बाद दोनों जांच एजेंसियों ने इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया था।

क्रिश्चियन मिशेल पर फैसला करेगा सऊदी अरब का विदेश मंत्रालय
अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाला मामले में कथित बिचौलिए एवं ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल को दुबई की एक अदालत ने प्रत्यर्पित करने के इस फैसले पर भारतीय विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि नियमों के अनुसार आखिरी फैसला किसी देश के विदेश मंत्रालय की ओर से लिया जाता है।

खबरों के मुबाबिक दुबई के मामले में वहां का विदेश मंत्रालय आरोपी के भविष्य का निर्धारण करेगा जिस पर वहां की अदालत ने आदेश दिया है। सूत्रों ने कहा कि कानून के अनुसार आरोपी को अपील करने का अधिकार है। यह दुबई का मामला है और उनकी ओर से कोई औपचारिक बातचीत या पुष्टि नहीं मिली है।

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