एलॅन्स पब्लिक स्कूल में एड्स जागरूकता अभियान

विविध कार्यक्रम के माध्यम से दिया संदेश

बेमेतरा : 01.12.2021 : एलॅन्स पब्लिक स्कूल बेमेतरा में विश्व एड्स दिवस पर एड्स एक चुनौती विषय पर जागरूकता अभियान के तहत विविध कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने संदेश देने का सद्प्रयास किया। डॉ नितेश चौबे एवं डॉ कुंदन स्वर्णकार ने जानकारी देते हुए कहा कि ’’एड्स को यौन रोग की संज्ञा दी गई है, क्योंकि यह रोग एच.आई.वी. संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध स्थापित करने से होता है। दूसरा कारण है, दूषित सुईयों का प्रयोग,  मादक पदार्थो का संक्रमित सुई द्वारा सेवन करने से। तीसरा कारण संक्रमित रोगी का रक्त स्वस्थ व्यक्ति को चढ़ाना। चोथा कारण एच.आई.वी. संक्रमित माता द्वारा बच्चे को स्तनपान कराना। वास्तव में एड्स बहुत से लक्षणों का समुह जो शरीर की रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है, जिससे संक्रमित व्यक्ति को आसानी से कोई भी बीमारी हो जाती है, और रोगी असमय काल-कवलित हो जाता है। एड्स एक भयंकर एवं लगभग लाइलाज बीमारी है, जिसका इलाज सुरक्षित व्यवहार एवं सही जानकारी है।’’

स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष श्री कमलजीत अरोरा ने कहा कि ’’एड्स अपने पैर पूरी दुनिया भर में पसार दिया है। किसी देश विशेष को ही नहीं वरन् विश्व को एकजुट होकर इसके निवारण के लिए कटिबद्ध हो जाना चाहिए। एच.आई.वी. वायरस जब एक बार किसी व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाता है तो उसे स्वयं भी इस संक्रमण का ज्ञान नहीं होता है। किन्तु जब संक्रमण अपना असर दिखाता है तो व्यक्ति रोगग्रस्त हो जाता है। उसकी जिदंगी उस नाव के समान हो जाती है जिसका खेवनहार केवल ईश्वर ही होता है। ’’

प्राचार्य डॉ. सत्यजीत होता ने कहा कि ’’एड्स दिवस दुनिया के सभी देशों के बीच एकजुट होकर प्रयास करने तथा इसके खिलाफ एकजुटता विकसित करने का संदेश देता है। एड्स के विषय में जानकारी ही इसका बचाव है। युवाओं और छात्रों को इसके विषय में अधिकाधिक जानकारी होनी चाहिए। आम लोगों के बीच कुछ भ्रांतियाँ फैली हैं कि यह छुआ-छूत की बीमारी है, जबकि सच्चाई यह है कि एड्स साधारण संपर्क करने से , हाथ मिलाने से, गले लगाने से संक्रमित व्यक्ति के साथ उठने – बैठने से नहीं फैलता है। अतः हमारा कर्तव्य बन जाता है कि संक्रमित व्यक्ति की उपेक्षा न करें तथा उसका साथ देकर उसका मनोबल बढ़ाने का प्रयास करें। आइए हम सब मिलकर लोगों को जागरूक बनाएँ तथा पूरी जानकारी दें। साथ ही भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति को अपनाकर इस बीमारी से बच सकते हैं।’’

इसके पूर्व कल संध्याकाल में एच.आई.वी. से काल-कवलित व्यक्तियों को प्रतिकात्मक बैंड में मोमबत्ती जलाकर स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष श्री कमलजीत अरोरा एवं प्राचार्य डॉ सत्यजीत होता तथा विद्यार्थियों ने श्रद्धाजंली दी।

आज प्रार्थना सभा के बाद बाल कलाकारों के द्वारा मानव श्रृखला से एच.आई.वी. बैंड का निर्माण किया। मूक अभिनय, नुक्कड़ नाटक, समुह चर्चा, भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से एड्स जैसे चुनौती से लड़ने हेतु प्रेरणा एवं संदेश दिए, जो कि सराहनीय रहा। जिसमें कक्षा ग्यारहवीं के नुपुर राघव, श्रेया गुप्ता, समीक्षा, मनमीत सिंह राजपाल, गरीमा आडिले, नवनेश बाबा दिनकर, फाल्गुनी, खुशी देवागंन, जागृति, कावेरी, आंचल, तेजस्विनी, स्वेता, साक्षी, चांदनी, मधूरेष, एवं कक्षा नवमी से अमित, शिवेष, श्रीजन, हेमराज, यानीश, श्रेयांश, सत्येन्द्र, शिवशंकर, मेहूल, ऐश्वर्य, ओम चन्द्राकर, लेखराम, रितिक, दिप्ती, अनविता दुबे एवं ग्रुप ने अपने प्रदर्शन से खूब वाहवाही लूटे।
उक्त कार्यक्रम में स्कूल डायरेक्टर श्री पुष्कल अरोरा, डॉ. नितेश चौबे, नोडल ऑफिसर एड्स नियंत्रण समिति बेमेतरा, डॉ. कुंदन स्वर्णकार, मेडिकल ऑफिसर जिला अस्पताल बेमेतरा, श्री पुरानिक नायक, सलाहकार जिला अस्पताल बेमेतरा, श्री संजय तिवारी, जिला अस्पताल बेमेतरा, श्री विनेश्वर जयसवाल, जिला अस्पताल बेमेतरा, श्री संजु परगनिहा, जिला अस्पताल बेमेतरा, स्कूल प्रशासक श्री सुनिल शर्मा, श्री अभिषेक शुक्ला, श्री संदीप कुमार, शिक्षक – शिक्षिकाएँ एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

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