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दुनिया के टॉप 6 स्‍मार्ट शहरों की सूची में जयपुर भी हुआ शामिल

जयपुर: दुनिया के टॉप 6 स्मार्ट सिटीज की श्रेणी में गुलाबी नगरी जयपुर का चयन हुआ है. नवंबर में बार्सिलोना में होने वाले स्मार्ट सिटी वर्ल्ड कांग्रेस में 126 देशों में से आये 600 शहरों की एंट्रीज में से जयपुर टॉप 6 की श्रेणी में पहुंच चुका है.

पिछले साल स्मार्ट सिटी अवार्ड न्यूयॉर्क को गया था. 1727 में बसी ऐतिहासिक गुलाबी नगरी की छवि कैसी बदल रही है और क्या स्मार्ट सिटी की पहल से आम नागरिक की ज़िंदगी में कुछ बदलाव आया है, ये सबसे बड़ा सवाल है.

जयपुर विकास प्राधिकरण के कमिश्नर वैभव गलेरिया कहते हैं कि जयपुर की समस्याओं का डिजिटल समाधान हो, स्मार्ट सिटी उस दिशा में एक क़दम है. वो कहते हैं, “जयपुर एक हेरिटेज शहर है और हेरिटेज के साथ-साथ विकास की गति में स्मार्ट सिटी इंटरवेंशंस हो, वो जयपुर विकास प्राधिकरण का लक्ष्‍य रहा है, एक तरह से ये जयपुर शहर का ट्रांजीशन है, हेरिटेज सिटी से लेकर स्मार्ट सिटी तक.”

जयपुर में फ्री वाईफाई प्रदान करना एक बड़ी पहल है, शहर के 50 स्थानों पर फ्री वाईफाई उपलब्ध है जिसके हर महीने ढाई लाख उपभोक्‍ता हैं.

साथ ही जयपुर वासियों के लिए आसानी से डाउनलोड हो सकता है जयपुर स्मार्ट ऐप जिसमें पार्किंग की समस्या, स्ट्रीट लाइट कहां जल रही है और प्रदूषण कहां कितना है, ये सारी जानकारियां रहती हैं.

जयपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नोडल अफसर देवेश गुप्ता ने ऐसा सुझाव दिया कि “9-10 जगह पर हमने पार्किंग के सॉल्‍यूशन लगाए हैं, लोग देख सकते हैं कि कहां कितनी पार्किंग है.

अगर मैं वीकेंड पर कहीं जाता हूं और वहां गाड़ी घूमता रहता हूं पार्किंग ढूंढने के लिए, उससे अच्‍छा है देख लो कहां पार्किंग है, नहीं तो कैब करके चले जाओ.”

लेकिन सिर्फ नागरिक ही नहीं, जयपुर पर्यटन का केंद्र है. हर साल इस शहर में चालीस मिलियन पर्यटक आते हैं. इनकी सुविधा के लिए और उन्‍हें जानकारी देने के लिए पर्यटन स्थलों पर जगह जगह जयपुर इनफार्मेशन किओस्‍क (kiosk) भी लागे हैं.

प्रतिदिन इसे करीब नौ हज़ार लोग इस्तेमाल करते हैं और ये शहर के 32 मशहूर पर्यटन स्थलों, हॉस्पिटल, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड पर लगे हुए हैं.

इसमें शहर से जुड़ी सारी जानकारी है, बस और रेलवे टिकट की बुकिंग से लेकर ज़रूरी फ़ोन नंबर और शॉपिंग की दुकानों से होटल और रेस्‍तरां की जानकारी तक उपलब्‍ध है.

“इसमें हर तरह की जानकारी है, इसमें फ़ोन भी रिचार्ज हो सकता है, मैंने देखा है लेकिन इस्तेमाल नहीं किया.” महाराष्ट्र से आए पर्यटक सुचित ने कहा जिन्होंने अल्बर्ट हॉल का दौरा करते हुए जयपुर इनफार्मेशन किओस्‍क को देखा.

लेकिन पर्यटन के लिए मशहूर इस शहर की स्वच्‍छता को लेकर कई सवाल उठते आए हैं और इस समस्या का समाधान क्या जयपुर स्मार्ट सिटी के पास है?

स्मार्ट सिटी की चर्चा करते हुए एक आम नागरिक राम अवतार ने कहा, “गंदगी सबसे बड़ी समस्या है. कुछ भी प्लानिंग होती है, वह सही तरीके से लागू नहीं होती.” हाल ही में स्वच्छ शहरों की रैंकिंग में जयपुर 434 शहरों में से 215वें नंबर पर आया था.

लेकिन शहर के कुछ स्थानों पर 50 स्मार्ट डस्टबिन रखे गए हैं. स्मार्ट सिटी के तहत इन्हें शहर में पायलट प्रोजेक्ट की तरह लगाया गया है. जब ये कचरे से भर जाते हैं, इनमें सेंसर सिग्नल देता है कि सफाई कर्मी को भेजो और इन्हें साफ़ करवाओ.

स्वच्‍छता की समस्या से जूझ रहे शहर में लगता है भविष्य में बड़े पैमाने पर लगाए जाने वाले ऐसे स्मार्ट डस्टबिन कुछ समाधान निकाल पाएंगे.

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