हवा होते दिख रहे हवाई उड़ान के सपने

अंकित मिंज

बिलासपुर। चकरभाठा से नए वर्ष में हवाई सेवा की आस लगाए बैठे लोगों को इस बात से धक्का लगेगा। फिलहाल चकरभाठा से हवाई सेवा शुरु होने की दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं है।

हालांकि हाईकोर्ट को लायसेंस मिलने और उड़ान अब महज कुछ दिनों की बात कह तत्कालीन भाजपा सरकार के महाधिवक्ता ने याचिका निराकृत भी करा ली। अब उड़ान सेवा शुरु करने वाली जिस उड़ीसा एविएशन को छत्तीसगढ़ में डोमेस्टिक हवाई सेवा शुरु करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

उसने हवाई सेवा शुरु करने से इंकार करते हुए अंबिकापुर और रायगढ़ में फुल-फ्लेजेड एयरपोर्ट की मांग की है। कंपनी का कहना है कि सिर्फ जगदलपुर और रायपुर की दो उड़ानों के भरोसे भारी भरकम स्टाफ, पायलट और क्रू -मेंबर्स के खर्चे निकालना संभव नहीं है।

इधर राज्य की नई कांग्रेस सरकार पीएम मोदी की उड़ान सेवा शुरु करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही। मामला ले-देकर अब ढंडे बस्ते में है। लेकिन याचिकाकर्ताओं ने आस नही छोड़ी है। उनका कहना है कि 15 फरवरी तक हवाई सेवा शुरु नही हुई तो एक बार फिर से कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

हवाई सेवा के इंतजार में पलक-पांवड़े बिछाए लोगों को भारत सरकार के उड्डयन मंत्रालय ने चकरभाठा को कमर्शियल फ्लाइट के लिए दिसंबर में ही लायसेंस भी जारी कर दिया।

प्रदेश में भाजपा की सरकार होती तो देर-सबेर हवाई सेवा शुरु हो भी जाती। अब राज्य शासन की उदासीनता और उड़ीसा एविएशन के बदले रुख से हवाई सेवा को एक बार फिर से ग्रहण लग गया है।

डायरेक्टोरेट जनरल आफ सिविल सिविल एविएशन दिल्ली ने 6 दिसंबर को ही छत्तीसगढ़ सरकार और एयरपोर्ट अथारिटी को राज्य भर की उड़ानों के लिए लायसेंस जारी कर अपना काम कर दिया है।

गेंद अब राज्य शासन के पाले में है। या तो नई कंपनी टाटा कि विस्तार या इंडिगो से अनुबंध करे या उड़ीसा एविएशन की मांग माने। बिलासपुर से सीधे मुंबई या दिल्ली की इंटरस्टेट उड़ान तो अभी कोसों दूर है।

चकरभाठा एयरपोर्ट का काम लगभग अंतिम चरण में

आपको बता दें कि चकरभाठा में एयरोड्रम का निर्माण कार्य लगभग अंतिम चरण में है और जनवरी के अंत या फरवरी के दूसरे सप्ताह तक रेस्टोरेंट, टैक्सी स्टैंड, वेटिंग लाउंज, बैरिकेटिंग, सिक्योरिटी सिस्टम समेत तमाम सिविल काम पूरे हो जाएंगे।

लेकिन हवाई सेवा शुरु होने की संभावना नहीं के बराबर है। इससे पहले डीजीसीए के अधिकारियों ने अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर दिसंबर के पहले सप्ताह तक एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था। इन तमाम पहलुओं और हाईकोर्ट की लगातर फटकार के बाद एयरपोर्ट का लायसेंस जारी तो हो गया।

हालांकि इस मामले में चकरभाठा एयरपोर्ट अथॅारिटी, सिविल एविएशन और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने काफी दिलचस्पी दिखाई। लगातार एयरपोर्ट की मानिटरिंग में लगे रहे और एयरस्ट्रिप की बारिक से बारीक कामों को तत्परता से पूरा किया।

दो दर्जन सुनवाइयों के बाद भी एयरपोर्ट नहीं हाईकोर्ट को

दो दर्जन सुनवाईयों के बाद भी हवाई सेवा अभी कोसों दूर है। कोर्ट ने लगातार सुनवाई कर लायसेंस दिलाने में तो कामयाब रही। याचिका भी निराकृत कर दी। लेकिन जिस बात को लेकर याचिका थी, उसका निराकरण नहीं हो पाया।

याचिका फुल फ्लेजेड डोमेस्टिर एयरपोर्ट और इंटरस्टेट विमान सेवा को लेकर दायर की गई थी। 15 फरवरी तक हवाई सेवा शुरु नहीं हुई तो फिर कोर्ट जाएंगे। तत्कालीन भाजपा शासन ने उड़ान का लालीपाप थमाया था, जो नाकाम रही। अब न्यायालय की मदद लेंगे।

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